मलयेशिया के पीएम बोले, हमें जाकिर नाइक को भारत प्रत्यर्पित न करने का अधिकार!
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विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के लिए मलयेशिया सरकार ने बड़ी राहत दी है। मलेशियाई मीडिया के हवाले से कहा गया है कि मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ. महातिर मोहम्मद के मुताबिक, मलयेशिया के पास अधिकार है कि वह जाकिर नाइक को न्याय नहीं मिलने की सूरत में उसे भारत प्रत्यर्पित न करे। जाकिर को ऐसा लगता है कि उसे भारत में निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं मिलेगा।
Malaysian media: Malaysia has the right not to extradite Dr Zakir Naik (in file pic) if he is not going to be accorded justice. Zakir in general feels that he is not going to get a fair trial (in India), says Prime Minister of Malaysia, Dr Mahathir Mohamad. pic.twitter.com/mfEUusxxMP
— ANI (@ANI) June 10, 2019विज्ञापन
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फैसला लिया है कि वह इंटरपोल से आग्रह करेगा कि वह जाकिर नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करे। गैर जमानती वारंट हासिल करने के बाद जांच एजेंसी की ओर से यह कार्रवाई की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एजेंसी ने जाकिर व अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया था।
अदालत ने मामले को 19 जून तक स्थगित किया है। अब ईडी को अदालत से वारंट मिलने की उम्मीद है। वारंट मिलने के बाद उम्मीद है कि ईडी रेड कॉर्नर नोटिस के लिए इंटरपोल की ओर रुख करेगा।
मलयेशिया भी इंटरपोल के सदस्यों में एक है, जिने भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि में वर्ष 2010 में हस्ताक्षर किए थे। वारंट मिलने के बाद ईडी भी आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम होगा।
जांच एजेंसी के अनुसार भारत और विदेशों में कुल 193 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। जबकि 50.46 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जाकिर नाईक के खिलाफ दर्ज करवाई गई एफआईआर के आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाइक के खिलाफ जांच कर रहा है।