Pacific Ocean Earthquake: दक्षिण प्रशांत महासागर में महसूस हुए भूकंप के झटके, जानिए कितनी रही तीव्रता?
दक्षिण प्रशांत महासागर में रविवार देर रात 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। सतही झटकों के कारण नुकसान का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में आए ऐसे भूकंप अक्सर गंभीर असर डाल सकते हैं।
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राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार रविवार देर रात दक्षिण प्रशांत महासागर में 6.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप की गहराई केवल 10 किलोमीटर रही, जिससे सतही झटकों का खतरा अधिक माना जा रहा है।
एनसीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया "भूकंप की तीव्रता 6.1 रही, समय: 22/03/2026 रात 8:57:59 IST, अक्षांश: 15.353 S, देशांतर: 172.824 W, गहराई: 10 किलोमीटर, स्थान: दक्षिण प्रशांत महासागर।"
EQ of M: 6.1, On: 22/03/2026 20:57:59 IST, Lat: 15.353 S, Long: 172.824 W, Depth: 10 Km, Location: South Pacific Ocean.
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सतही भूकंप क्यों खतरनाक होते हैं
सतही भूकंप आम तौर पर गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक माने जाते हैं। इसका कारण यह है कि सतही भूकंपों की भूकंपीय लहरें सीधे सतह तक पहुंचती हैं, जिससे झटके अधिक तीव्र होते हैं और संरचनाओं तथा जनहानि का जोखिम बढ़ जाता है।
विश्व के सबसे बड़े भूकंपीय बेल्ट- रिंग ऑफ फायर
दक्षिणी प्रशांत महासागर का यह क्षेत्र पृथ्वी के सबसे सक्रिय भूकंपीय बेल्ट, सर्कम-पैसिफिक सिस्मिक बेल्ट या रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। यहां लगभग 81 प्रतिशत सबसे बड़े भूकंप आते हैं। इस बेल्ट के भीतर मुख्यतः टेक्टोनिक प्लेट्स की गति और सबडक्शन (एक प्लेट के नीचे दूसरी का डूबना) के कारण भूकंप आते हैं। इतिहास में यहां कई विनाशकारी भूकंप हुए हैं, जैसे 1960 का चिली भूकंप (M9.5) और 1964 का अलास्का भूकंप (M9.2)।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
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