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Madagascar: पानी-बिजली संकट को लेकर आंदोलन का भयावह रूप, अब तक 22 की मौत; राष्ट्रपति ने बर्खास्त की सरकार

Tue, 30 Sep 2025 01:17 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एंटानानारिवो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एंटानानारिवो Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 30 Sep 2025 01:17 AM IST
सार

मेडागास्कर में पानी और बिजली की किल्लत के खिलाफ शुरू हुआ युवा आंदोलन अब बड़ा राजनीतिक संकट बन गया है। अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा घायल हैं। हालात बिगड़ते देख राष्ट्रपति राजोएलिना ने प्रधानमंत्री समेत पूरी सरकार को बर्खास्त कर दिया।

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Madagascar Protests over water and power crisis taken a horrific turn President dismisses entire government
मेडागास्कर का झंडे - फोटो : Google Gemini

विस्तार

पानी और बिजली की कमी के चलते शुरू हुए युवाओं के आंदोलन ने मेडागास्कर की राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल कर रख दी है। देशभर में पिछले कुछ दिनों से चल रहे इस आंदोलन ने अब बड़ा रूप ले लिया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के मुताबिक, गुरुवार से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

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इसी बीच आंदोलन के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए राष्ट्रपति अंद्री राजोएलिना ने सोमवार को राष्ट्रीय टेलीविजन पर घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री क्रिश्चियन न्टसे और उनकी पूरी सरकार को बर्खास्त कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने तक सभी मंत्री अंतरिम रूप से अपने पदों पर बने रहेंगे। राष्ट्रपति ने आम जनता से सरकारी पदों के लिए आवेदन करने की अपील भी की। इससे पहले राष्ट्रपति राजोएलिना ने ऊर्जा मंत्री को बर्खास्त किया था और राजधानी के एक गरीब इलाके का दौरा कर जनता से वादा किया था कि सरकार अब लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने पर ध्यान देगी।
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कई शहरों में जारी है रात का कर्फ्यू
आंदोलन के चलते राजधानी एंटानानरीवो और अन्य शहरों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है। फिर भी हजारों लोग सोमवार को दोबारा सड़कों पर उतरे और अब वे सिर्फ सेवा सुधार नहीं, बल्कि राष्ट्रपति राजोएलिना के इस्तीफे और नए चुनावों की मांग कर रहे हैं।


बता दें कि प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर जेन-जी वर्ग के युवा हैं, जो हाल ही में नेपाल और केन्या में हुए विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित बताए जा रहे हैं। कई प्रदर्शनकारी जापानी ऐनिमे सीरीज वन पीस के खोपड़ी वाले झंडे या टी-शर्ट पहने हुए नजर आए। उनके हाथों में न्याय चाहिए, थक गए हैं और हमें जीने दो, सिर्फ जिंदा रहने नहीं जैसे नारों वाले पोस्टर थे।

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यूएन ने सुरक्षा बलों को बताया जिम्मेदार
दूसरी ओर मामले में संयुक्त राष्ट्र ने बयान जारी कर बताया कि ये प्रदर्शन शांतिपूर्वक शुरू हुए थे, लेकिन सुरक्षा बलों की ओर से जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किए जाने से हालात बिगड़ गए। प्रदर्शनकारियों और आम लोगों पर आंसू गैस छोड़ी गई, लाठीचार्ज किया गया और कुछ मामलों में सीधे गोलीबारी भी की गई। कुछ मौतें लूटपाट और हिंसा के दौरान भी हुईं, जिनमें असंबंधित गिरोह शामिल थे। गौरतलब है कि मेडागास्कर, पूर्वी अफ्रीका के पास स्थित एक बड़ा द्वीप देश है, जिसकी आबादी करीब 3.1 करोड़ है। वहां गरीबी और सरकारी सेवाओं की असफलता को लेकर जनता में लंबे समय से नाराजगी है, जो अब बड़े विरोध में बदल चुकी है।

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