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समय बीतने के साथ ठीक हो जाता है फेफड़ों-हृदय को हुआ नुकसान, ऑस्ट्रिया के वैज्ञानिकों ने किया खुलासा
Sun, 13 Sep 2020 06:16 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 13 Sep 2020 06:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना मरीजों को फेफड़ों और हृदय को नुकसान के कारण लंबे समय तक तकलीफ झेलनी पड़ती है लेकिन राहत की बात है कि समय के साथ इसमें सुधार भी होता है। यूनिवर्सिटी क्लीनिक इन्सबर्क के वैज्ञानिकों ने यूरोपियन रेस्पिरेटरी इंटरनेशनल कांग्रेस में प्रकाशित अपने शोध में यह खुलासा किया गया है।
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शोधकर्ताओं ने ऑस्ट्रिया के टायरोलिन इनके हॉटस्पॉट के 150 कोरोना मरीजों पर अध्ययन के बाद यह दावा किया है। वैज्ञानिकों ने ठीक हो चुके मरीजों को छठे,12वें, 24वें सप्ताह में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बुलाया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड फेफड़ों के काम करने की क्षमता जांचने के साथ सीटी स्कैन और हृदय की गति स्थिति जानने के लिए इकोकार्डियोग्राम किया था।
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पहली बार के परीक्षण में आधे से ज्यादा लोगों में सांस संबंधी तकलीफ के साथ खांसी की शिकायत थी। सीटी स्कैन से 88 फेफड़ों को नुकसान पहुंचने पता चला था। 12वें सप्ताह में आने पर पता चला कि फेफड़ों को हुए नुकसान घटकर 56 फीसदी हो गया था। इसी तरह 48 मरीजों में हृदय संबंधी तकलीफ देखी गई लेकिन वह खतरनाक नहीं थी और समय के साथ उसमें भी सुधार देखा गया।
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