लिथुआनिया में राष्ट्रीय आपातकाल: बेलारूस के गुब्बारों से सुरक्षा जोखिम, हवाई क्षेत्र उल्लंघन पर कड़ा कदम
Lithuania National Emergency: लिथुआनिया ने बेलारूस से आने वाले मौसम संबंधी गुब्बारों द्वारा बार-बार एयरस्पेस उल्लंघन के बाद राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया। नाटो सदस्य देश ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए सेना को सीमा पर तैनात किया।
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रूस समर्थित बेलारूस से लगातार आ रहे मौसम संबंधी गुब्बारों द्वारा एयरस्पेस उल्लंघन के बाद लिथुआनिया की सरकार ने मंगलवार को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। पिछले कुछ हफ्तों में ये गुब्बारे देश के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को कई बार बंद करवाने की वजह बने, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए।
'यह बेलारूस की हाइब्रिड अटैक रणनीति'
लिथुआनिया की प्रधानमंत्री इंगा रुगिनिएने ने कहा कि गुब्बारों के जरिए हो रहा यह व्यवधान एक हाइब्रिड अटैक है, जिसका उद्देश्य देश में अस्थिरता फैलाना है। प्रधानमंत्री रुगिनिएने ने कहा हमें सबसे कड़े कदम उठाने होंगे और उन क्षेत्रों की रक्षा करनी होगी जहां यह हमला सबसे ज्यादा असर डाल रहा है। कैबिनेट की इमरजेंसी बैठक के बाद यह घोषणा की गई। लिथुआनिया नाटो का सदस्य है और रूस के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन का मुखर समर्थक भी रहा है।
सीमा पर सेना की तैनाती, गुब्बारों पर निगरानी सख्त
लिथुआनिया के गृह मंत्री व्लादिस्लाव कोंड्रोटोविच ने बताया कि राष्ट्रीय आपातकाल लागू होने के बाद सीमा सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है। अब सीमा क्षेत्रों में सेना और पुलिस संयुक्त गश्त करेंगी, ताकि एयरस्पेस का उल्लंघन करने वाले गुब्बारों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर सेना स्वतंत्र रूप से भी ऑपरेशन चला सकेगी, जिससे इन गुब्बारों की पहचान, निगरानी और रोकथाम तेजी से हो पाएगी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि इन कदमों का आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर बहुत कम प्रभाव पड़ेगा और सभी उपाय केवल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हैं।
जानबूझकर अस्थिरता की कोशिश
अधिकारियों के अनुसार, ये गुब्बारे अक्सर सिगरेट की तस्करी में उपयोग होते हैं, लेकिन इस बार उनकी संख्या और उड़ान दिशा देखकर यह स्पष्ट है कि यह बेलारूस द्वारा योजनाबद्ध व्यवधान है। लिथुआनिया ने गुब्बारों पर आपराधिक जांच शुरू कर दी है और खुफिया एजेंसियां इनकी उत्पत्ति और बेलारूस सरकार से संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं। कोंड्रोटोविच ने कहा बेलारूस इन गुब्बारों को भेजने वालों को रोकने की कोई कोशिश नहीं कर रहा। यह हाइब्रिड अटैक का प्रमाण है।
दो सीमा चौकियां पहले ही बंद की जा चुकी हैं
गुब्बारों के एयरस्पेस में प्रवेश करने के बाद लिथुआनिया ने अक्तूबर में दो बॉर्डर क्रॉसिंग बंद कर दी थीं। इसके जवाब में बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने लिथुआनिया के कदम को पागलपन करार दिया और उल्टा आरोप लगाया कि लिथुआनिया खुद तस्करी रोकने में विफल है।
NATO और यूरोपीय देशों में चिंता
यूरोप पहले ही रूसी ड्रोन घुसपैठों से चिंतित है। नाटो और EU के देशों ने लिथुआनिया को समर्थन तो दिया है, लेकिन इन उच्च ऊंचाई वाले गुब्बारों को न्यूट्रलाइज करने का कोई समाधान अभी मौजूद नहीं। कोंड्रोटोविच ने स्वीकार किया 10 किलोमीटर ऊंचाई पर उड़ने वाले गुब्बारों को ड्रोन या किसी अन्य हथियार से गिराने की तकनीक किसी देश के पास नहीं है।
हवाई अड्डा 60 घंटे तक बंद, 51,000 यात्री प्रभावित
सरकार के अनुसार, अक्तूबर से अब तक विल्नियस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 60 घंटे से अधिक समय तक बंद रहा, जिसकी वजह से 350 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं और 51,000 से अधिक यात्रियों की यात्रा बाधित हुई। लिथुआनिया के सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति बताती है कि बेलारूस किसी भी समय लिथुआनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकता है।
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