फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   lawsuit against china nobel prize winning author mo yan accused of praise japan soldiers nationalism

China: चीन के नोबेल विजेता मो यान के खिलाफ मुकदमा, 'राष्ट्रवादी' ब्लॉगर ने लगाए सेना की आलोचना करने के आरोप

Sat, 16 Mar 2024 01:20 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 16 Mar 2024 01:20 PM IST
सार

मुकदमा चीन के राष्ट्रवादी ब्लॉगर माने जाने वाले वू वानझेंग ने दायर कराया है। वू का आरोप है कि मो यान ने अपनी किताब में चीन की सेना की आलोचना की है और जापान के सैनिकों को गौरवशाली परिपेक्ष्य में दिखाया।

विज्ञापन
lawsuit against china nobel prize winning author mo yan accused of praise japan soldiers nationalism
चीनी सेना (फाइल) - फोटो : ani

विस्तार

चीन के नोबेल पुरस्कार विजेता साहित्यकार मो यान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मुकदमा चीन के राष्ट्रवादी ब्लॉगर माने जाने वाले वू वानझेंग ने दायर कराया है। वू का आरोप है कि मो यान ने अपनी किताब में चीन की सेना की आलोचना की है और जापान के सैनिकों को गौरवशाली परिपेक्ष्य में दिखाया। मो यान की यह फिक्शनल किताब जापान के चीन पर हमले के समय पर आधारित है।   
विज्ञापन


मो यान से मांगा गया 1.5 अरब युआन का जुर्माना
वू वानझेंग सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं और अक्सर राष्ट्रवादी मुद्दों पर अपने विचार साझा करते रहते हैं। वू वानझेंग ने मुकदमे में मो यान से 1.5 अरब युआन का हर्जाना मांगा है। यह हर्जाना हर चीनी नागरिक के लिए एक युआन के आधार पर मांगा गया है और साथ ही मुकदमे में मो यान से माफी की मांग भी की गई है। वू वानझेंग ने ये भी मांग की है कि कथित विवादित किताब की बिक्री पर रोक लगाई जाए। हालांकि चीन की किसी अदालत ने अभी तक वू वानझेंग के मुकदमे को स्वीकार नहीं किया है। 
विज्ञापन


मो यान को साल 2012 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। अपने उपन्यास रेड सोरगुम के लिए मो यान को जाना जाता है। यह उपन्यास दूसरे सिनो-जापान युद्ध पर आधारित है। इस उपन्यास में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों की कहानी के बारे में बताया गया है। वहीं वून वानझेंग द्वारा मुकदमा दायर करने पर मो यान ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस मामले को लेकर चीन के सोशल मीडिया पर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ यूजर्स ने वू वानझेंग का समर्थन किया है, वहीं कई यूजर्स ने मो यान का पक्ष लिया है और आरोप लगाया है कि वू वानझेंग सिर्फ चर्चित होने के लिए ऐसा कर रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चीनी कंपनी को भी होना पड़ा था आलोचना का शिकार
चीन में शी जिनपिंग के कार्यकाल में राष्ट्रवाद का उभार हुआ है। यही वजह है कि हाल ही में चीन की प्रसिद्ध बोतलबंद पानी की कंपनी नोन्गफू स्प्रिंग को भी आलोचना झेलनी पड़ी थी, जब कंपनी की ग्रीन टीकी ड्रिंक पर जापान के लकड़ी के पैगोडा जैसा डिजाइन बना था। यूजर्स ने नोन्गफू पर जापानी उत्पाद को बेचने का आरोप लगाया था और कंपनी के खिलाफ लोगों ने खूब गुस्सा निकाला था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed