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Nepal: भारत-नेपाल संबंधों पर चीनी राजदूत की टिप्पणी पर सांसदों ने जताई चिंता; विदेश मंत्रालय से मांगी सफाई

Fri, 08 Sep 2023 07:56 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 08 Sep 2023 07:56 PM IST
सार

Nepal: चीनी राजदूत ने कहा था, 'दुर्भाग्यवश आपके पास भारत जैसा पड़ोसी है, जिसमें अपार संभावनाएं हैं जिनका आप लाभ उठा सकते हैं। लेकिन, नेपाल और अन्य पड़ोसियों के प्रति भारत की नीति इतनी अनुकूल नहीं है।'

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Lawmakers raise concern over Chinese envoy's comments on Indo-Nepal ties; warned to be more careful
नेपाल में चीनी राजदूत चेन सोंग। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नेपाल के सांसदों ने हिमालयी देश और भारत के बीच व्यापार के संबंध में चीनी राजदूत द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणी पर शुक्रवार को चिंता जताई। उन्होंने राजदूत को साफतौर पर चेतावनी दी कि वे अन्य देशों के संवेदनशील मामलों पर टिप्पणी करते समय अधिक सावधान रहें।

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चीनी राजदूत ने अपने विवादित बयान में क्या कहा
काठमांडू में फाउंडेशन फॉर ट्रांस-हिमालयन रिसर्च एंड स्टडीज और फ्रेंड्स ऑफ सिल्क रोड क्लब नेपाल द्वारा शनिवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसका विषय 'वैश्विक अर्थव्यवस्था में चीन और नेपाल पर इसका प्रभाव'रखा गया था। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेपाल में चीन के राजदूत चेन सोंग ने दावा किया कि नेपाल, भारत के साथ बिजली के व्यापार से व्यापार घाटे का सामना कर रहा है।

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चेन ने कहा, दुर्भाग्यवश आपके पास भारत जैसा पड़ोसी है, जिसमें अपार संभावनाएं हैं जिनका आप लाभ उठा सकते हैं। लेकिन, नेपाल और अन्य पड़ोसियों के प्रति भारत की नीति इतनी अनुकूल नहीं है और नेपाल के लिए इतनी फायदेमंद नहीं है। इसलिए हम उसे बाधाओं की नीति कहते हैं। 

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संसदीय समिति ने चीनी राजदूत की टिप्पणी की जांच करने को कहा
शुक्रवार को नेपाल के सांसदों ने चीनी राजदूत की टिप्पणी पर निराशा जताई है। संसदीय समिति ने कथित तौर पर विदेश मंत्रालय से नेपाल-भारत बिजली व्यापार के मुद्दे पर राजदूत चेन की टिप्पणी की जांच करने के लिए कहा है। आज संसद की अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन समिति की बैठक हुई जिसमें विदेश मंत्री एनपी सऊद को मामले की जांच के लिए तलब किया गया। समिति के सदस्यों ने चेन की हालिया टिप्पणी पर चिंता जताई।

संसद सूत्रों के मुताबिक, 'समिति के अध्यक्ष राजकिशोर यादव ने विदेश मंत्रालय से मामले की जांच करने और राजदूत से इस तरह के संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी करते समय सावधानी बरतने के लिए कहने का आग्रह किया।' यादव ने कहा,'नेपाल एक संप्रभु देश है, इसलिए यह हमारा काम है कि हम क्या करते हैं और क्या नहीं।'

नेपाल गुटनिरपेक्ष नीति के लिए प्रतिबद्ध: माधव कुमार नेपाल
बैठक में नेकपा (एकीकृत समाजवादी) के प्रमुख माधव कुमार नेपाल ने कहा कि राजदूतों को नेपाल की भू-राजनीतिक स्थिति को लेकर संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने चीनी राजदूत का सीधे नाम लिए बिना कहा कि हर किसी को सावधान रहना चाहिए ताकि किसी की अभिव्यक्ति नेपाल की भू-राजनीतिक जटिलताओं को न बढ़ाए। उन्होंने कहा, 'भू-राजनीतिक संवेदनशीलता को जाने बिना और इस तथ्य को समझे बिना कि नेपाल गुटनिरपेक्ष विदेश नीति के लिए प्रतिबद्ध है, किसी को भी आहत करने वाली टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। सतर्क रहें और नेपाल को मुश्किल परिस्थितियों से दूर रखें।'

विदेश मंत्रालय के स्पष्टीकरण के बाद सामने रखेंगे रुख: भीम आचार्य
नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के सांसद भीम आचार्य ने कहा, नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना किसी भी देश के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा, चीनी राजदूत की टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय द्वारा स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद ही उनकी पार्टी अपना रुख सामने रखेगी। 

आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करना अनुचित अंतरराष्ट्रीय कूटनीति: नेकपा-माओवादी केंद्र
इसी तरह नेकपा-माओवादी केंद्र के सांसद बरशमन पुन ने कहा कि नेपाल के आंतरिक मामलों पर तीसरे पक्ष के टिप्पणी करने की परंपरा को जारी नहीं रहने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, दूसरों के घरेलू मामलों पर टिप्पणी करना अनुचित अंतरराष्ट्रीय कूटनीति है। विदेश मंत्रालय को इस मामले में चीनी राजदूत को सतर्क करने की पहल करनी चाहिए। 

मित्र देशों के बीच दुश्मनी पैदा करने की हो रही कोशिश: जनता पार्टी
जनता पार्टी के उपाध्यक्ष अब्दुल खान ने कहा कि चीनी राजदूत को नेपाल और भारत के बीच संबंधों के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने राजदूत चेन से उनकी टिप्पणी के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा। प्रतिनिधि सभा की बैठक के शून्यकाल में शुक्रवार को उन्होंने कहा,'लंबे समय से मित्र देशों नेपाल और भारत के बीच दुश्मनी पैदा करने की कोशिश की जा रही है।'

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