कुवैत के सत्तारूढ़ अमीर शेख सबाह का निधन, पीएम मोदी ने कहा, भारत ने करीबी दोस्त खो दिया
कुवैत के सत्तारूढ़ अमीर शेख सबाह अल-अहमद अल-सबाह का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। यह जानकारी राज्य टेलीविजन पर प्रसारित एक आधिकारिक बयान में दी गई। उनके नामित उत्तराधिकारी उनके भाई क्राउन प्रिंस शेख नवाफ अल-अहमद अल-सबाह हैं।
दिवंगत शेख सबाह कुवैत सैन्य बलों को कमांडर थे। राष्ट्रीय असेंबली से अनुमति मिलने के बाग 29 जनवरी 2006 को उन्होंने शपथ ली थी। शेख सबाह तब से ही कुवैत का नेतृत्व कर रहे थे। वह शेख अहमद अल-जबर अल-सबाह के चौथे बेटे थे।
Kuwait's ruling Emir Sheikh Sabah al-Ahmad al-Sabah has passed away said an official statement read out on state television today. His designated successor is his brother, Crown Prince Sheikh Nawaf al-Ahmad al-Sabah: Reuters
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 29, 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर शोक जाहिर किया। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, आज कुवैत और अरब दुनिया ने एक लोकप्रिय नेता खोया है, भारत ने एक करीबी मित्र खोया है और दुनिया ने एक महान स्टेट्समैन खो दिया है। उन्होंने कहा संकट के इस समय में मेरी संवेदनाएं शेख सबाह के परिवार और कुवैत के नागरिकों के साथ हैं।
My heartfelt condolences on the sad demise of His Highness Sheikh Sabah Al-Ahmed Al-Jaber Al-Sabah, Amir of the State of Kuwait. In this moment of grief our thoughts are with the Al-Sabah family and the people of the State of Kuwait.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 29, 2020
तेल समृद्ध देश के लंबे वक्त तक विदेश मंत्री रहने के दौरान सबाह ने 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद इराक के साथ करीबी रिश्ते कायम करने और अन्य क्षेत्रीय संकटों का समाधान निकालने के लिए काफी काम किया। अल सबाह ने कतर और अन्य अरब देशों के बीच विवाद के हल के लिए भी कोशिशें कीं और यह प्रयास आज की तारीख तक जारी रहे।
इससे पहले कुवैत की संसद ने उनके पूर्वर्ती अमीर शेख साद अल अब्दुल्लाह अल सबाह को नौ दिन के शासन के बाद ही बीमारी की वजह से तख्त से हटा दिया था। इराकी फौजें 1990 में कुवैत में घुस आई थीं। इसके बाद अमेरिकी नीत जंग में इराकी सेना को खदेड़ दिया गया था। इसके बाद से ही कुवैत अमेरिका का घनिष्ठ सहयोगी है।