फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Kremlin Said European nations fall into new dependence on US

Russia: अमेरिका पर भरोसे के लिए यूरोपीय देशों को रूस ने दिखाया आईना, क्रेमलिन ने कहा- नई निर्भरता में फंस गए

Sun, 25 Jan 2026 08:43 PM IST
लव गौर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: लव गौर Updated Sun, 25 Jan 2026 08:43 PM IST
सार

क्रेमलिन ने कहा है कि यूरोपीय देशों ने रूस पर अपनी तथाकथित निर्भरता खत्म कर ली, लेकिन इसके बदले अब वे अमेरिका पर निर्भर हो गए हैं। क्रेमलिन ने इसके लिए पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध बिगड़ गए हैं।

विज्ञापन
Kremlin Said European nations fall into new dependence on US
व्लादिमीर पुतिन। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

ग्रीनलैंड पर तनातनी और टैरिफ के भार से जूझ रहे यूरोप के देशों पर क्रेमलिन का बयान सामने आया है। क्रेमलिन ने कहा है कि यूरोपीय देशों ने खुद को रूस पर निर्भरता से मुक्त कर लिया है, लेकिन वे अमेरिका पर एक नई 'निर्भरता' के शिकार हो गए हैं। क्रेमलिन ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को बिगाड़ने के लिए पश्चिमी प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया है।
विज्ञापन


क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस के साथ यूरोप के पूर्व संबंध "पारस्परिक निर्भरता" के थे, जिसमें मॉस्को एक विक्रेता के रूप में और यूरोपीय देश एक प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजार में खरीदार के रूप में कार्य करते थे।
विज्ञापन


हालिया साक्षात्कार में ईयू को घेरा
पेस्कोव ने रूसी सरकारी टीवी को दिए एक हालिया साक्षात्कार में कहा, 'रूस पर अपनी क्षणिक निर्भरता से छुटकारा पाने के बाद, वे अब निश्चित रूप से अमेरिका पर निर्भर हो गए हैं। क्योंकि रूस पर निर्भरता क्षणिक थी, यह एक आपसी निर्भरता थी। हम विक्रेता के रूप में उन पर निर्भर थे, और वे खरीदार के रूप में हम पर निर्भर थे। साथ ही, हम कड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा की स्थितियों में काम कर रहे थे।'
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने मौजूदा यूरोपीय राजनीतिक नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि यह स्थिति "सत्ता में बैठे राजनेताओं के पतन" को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पूरी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाती है। वहीं ईयू विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास का हवाला देते हुए पेस्कोव ने कहा कि बातचीत की बहुत कम गुंजाइश है। उन्होंने कहा, 'न तो हम और न ही अमेरिकी उनसे कुछ भी बात करेंगे। अब बस उनके जाने (पद छोड़ने) का इंतजार करना है।'

नाटो प्रमुख की भूमिका पर उठाए सवाल
वहीं पेस्कोव ने नाटो महासचिव मार्क रुटे की भूमिका पर भी सवाल उठाए, खासतौर पर डेनमार्क और ग्रीनलैंड से जुड़े मामलों पर। उन्होंने कहा, 'नाटो महासचिव का डेनमार्क या ग्रीनलैंड से क्या संबंध है, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह डेनिश राष्ट्र के भविष्य का फैसला कैसे कर सकते हैं।'


ग्रीनलैंड के रणनीतिक महत्व पर बात करते हुए पेस्कोव ने कहा कि यह वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि रूस, अमेरिका की ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने की योजनाओं पर करीबी नजर रखेगा। पेस्कोव ने कहा, 'यह किस तरह का ‘डोम’ होगा और यह किन खतरों से निपटने के लिए बनाया जाएगा, इस पर हमारी सेना बारीकी से नजर रखेगी और इसका विश्लेषण करेगी।'

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed