Exclusive: आतंकी हाफिज सईद के वो दो संगठन जो पाकिस्तान में तो प्रतिबंधित हैं पर भारत में नहीं
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लश्कर-ए-तैयबा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा इस्लामी आतंकी संगठन है। हालांकि लश्कर-ए-तैयबा का मतलब है पवित्रों की सेना, लेकिन इसका काम है केवल और केवल आतंक फैलाना। इसकी स्थापना अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हाफिज सईद ने की थी।
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लश्कर-ए-तैयबा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा इस्लामी आतंकी संगठन है। हालांकि लश्कर-ए-तैयबा का मतलब है पवित्रों की सेना, लेकिन इसका काम है केवल और केवल आतंक फैलाना। इसकी स्थापना अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हाफिज सईद ने की थी।
वर्तमान में हाफिज पाकिस्तान के लाहौर के पास मरीदके और पाक अधिकृत कश्मीर में बहुत से आतंकी प्रशिक्षण शिविर चला रहा है। भारत के विरुद्ध भी इस संगठन ने कई हमले किए हैं। शुरू में इस संगठन का उद्देश्य अफगानिस्तान से सोवियत सैनिकों को बाहर निकालना था लेकिन अब इस संगठन का उद्देश्य कश्मीर को भारत से अलग करना है।
इंजीनियरिंग का प्रोफेसर हाफिज
ये जानकर हैरानी होगी की आतंकवादी हाफिज सईद पढ़ा लिखा है और लाहौर विश्विविद्यालय में इंजीनियरिंग का प्रोफेसर रह चुका है। उसने 1987 में इस संगठन की स्थापना की थी। ये संगठन खुद को वहाबी इस्लाम के आदर्श का अनुयायी मानता है।
समूचे दक्षिण एशिया को कट्टरपंथी बनाने का उद्देश्य
यह संगठन समूचे दक्षिण एशिया को कट्टरपंथी बनाने में यकीन रखता है। सऊदी अरब की मदद से चलने वाले इस संगठन ने साल 2000-2001 में भारत में कई आतंकी हमले किए हैं। इस संगठन को सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुए हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने प्रतिबंधित कर दिया था। वहीं इसके नेताओं की गतिविधियों को भी सीमित कर दिया गया था। साल 2005 में कश्मीर में भूकंप आने के बाद दान मांगने के नाम पर इस संगठन को फिर से सक्रिय होने का मौका मिल गया।
नए नाम से हुआ सक्रिय
पहले तो ये संगठन अपने किए सभी हमलों की जिम्मेदारी लेता था लेकिन बाद में इसने हमलों की जिम्मेदारी लेना भी बंद कर दिया। ये संगठन बाद में जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन नाम से सक्रिय हो गया। जिससे यह धन जुटाता था।
इसका मकसद धन जुटाना, नेटवर्क/स्लीपर सेल बनाना और युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने के लिए प्रेरित करना था। हालांकि पांच मार्च, 2019 को इन दोनों संगठनों पर भी पाकिस्तान ने प्रतिबंध लगा दिया है। एनआई की वेबसाइट से इस बात की जानकारी मिलती है कि भारत में लश्कर-ए-तैयबा तो प्रतिबंधित है लेकिन ये दोनों संगठन भारत में प्रतिबंधित नहीं हैं।
ये सूची आप यहां देख सकते हैं- ये दोनों संगठन भारत में प्रतिबंधित नहीं हैं
लाल किले पर हमला
साल 2002 में इस संगठन के उग्रवादियों ने दिल्ली के लाल किले पर हमला कर दिया था। इसके बाद 2001 में श्रीनगर हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमले और अप्रैल 2001 में सीमा सुरक्षाबल के जवानों की हत्या के पीछे भी यही संगठन जिम्मेदार था।
एनआईए के अनुसार भारत में प्रतिबंधित संगठनों की सूची