फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Karachi University suicide attack: anti-China sentiments in Balochistan and baloch people wants the separation from Pakistan

कराची विश्वविद्यालय में आत्मघाती हमला: शारी बलूच क्यों बनी फिदायीन? इस सवाल ने पाकिस्तान को अंदर तक हिलाया

Wed, 27 Apr 2022 06:30 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 27 Apr 2022 06:30 PM IST
सार

शारी पहले बलूचिस्तान के केच जिले में एक प्राइमरी स्कूल में टीचर थीं। उसने 2014 में बीएड और 2018 में एमएड किया था। उसके बाद उसने अल्लमा इकबाल यूनिवर्सिटी से एम-फिल किया। उसके पति डेंटिस्ट हैं और उसे एक बेटा और एक बेटी है। शारी के पिता एक सरकारी एजेंसी के निदेशक थे...

विज्ञापन
Karachi University suicide attack: anti-China sentiments in Balochistan and baloch people wants the separation from Pakistan
कराची विश्वविद्यालय में आत्मघाती हमला करने वाली शारी बलूच - फोटो : social media

विस्तार

कराची विश्वविद्यालय में मंगलवार को हुए आत्मघाती हमले से दो बातें और भी खुल कर जाहिर हुई हैं। इससे पहला संकेत यह मिला है कि बलूचिस्तान में चीन विरोधी भावनाएं किस हद तक उबल रही हैं। इसके अलावा इस पहलू पर भी फिर रोशनी पड़ी है कि बलूचिस्तान के जनमानस में पाकिस्तान से अलगाव लगातार गहरा रहा है।

विज्ञापन


कराची यूनिवर्सिटी में हमला एक नौजवान महिला ने किया। उसके हमले में एक गाड़ी को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन चीनी शिक्षाशास्त्री सवार थे। हमले में उन तीनों के साथ-साथ गाड़ी का ड्राइवर भी मारा गया। हमला करने वाली फिदायीन का नाम शारी बलोच उर्फ बरामश बताया गया है। वह पढ़ी-लिखी और अच्छी पारिवारिक पृष्ठभूमि से आई महिला थी। घटना से दस घंटे पहले उसने ट्विटर पर गुड बाय का संदेश दिया। इस घटना के बाद कई दर्जन लोगों ने उस ट्विट को री-ट्विट किया, जिसमें बलूचिस्तान के लोगों ने उसके प्रति अपना समर्थन जताया। शारी के पति ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि शारी ने निस्वार्थ कुर्बानी दी है।

विज्ञापन

सीपीईसी का विरोध

शुरुआत में शारी के ट्विट पर बहुत कम लोगों ने ध्यान दिया था, क्योंकि उन्हें उसका मतलब समझ में नहीं आया। लेकिन हमले के बाद शारी पूरे पाकिस्तान में चर्चा का विषय बन गई। टीकाकारों ने कहा है कि बलूचिस्तान में अशांति और हिंसक का माहौल कोई छिपी बात नहीं है। लेकिन फिदायीन जिस पृष्ठभूमि से आई, उसे देखते हुए उस प्रांत में फैल रही पाकिस्तान और चीन विरोधी भावनाओं का नए सिरे से अंदाजा लगा है।

विज्ञापन
विज्ञापन


बलूचिस्तान की जनता का एक बड़ा हिस्सा वहां चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर के तहत बन रही परियोजनाओं का विरोध कर रहा है। वहां के लोगों की शिकायत है कि इन परियोजनाओं के कारण उनका पर्यावरण खराब हुआ है, जबकि इनसे वहां के लोगों को कोई लाभ नहीं पहुंचा है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) वहां इन परियोजनाओं और उनसे जुड़े लोगों को लगातार निशाना बनाती रही है। विशेषज्ञों ने कहा है कि शारी बलोच में जैसी विद्रोही सोच भरी, वैसा एक-दो दिन में नहीं होता है।

शारी पहले बलूचिस्तान के केच जिले में एक प्राइमरी स्कूल में टीचर थीं। उसने 2014 में बीएड और 2018 में एमएड किया था। उसके बाद उसने अल्लमा इकबाल यूनिवर्सिटी से एम-फिल किया। उसके पति डेंटिस्ट हैं और उसे एक बेटा और एक बेटी है। शारी के पिता एक सरकारी एजेंसी के निदेशक थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शारी का परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है और उसकी अच्छी सामाजिक प्रतिष्ठा है। उसके एक चाचा लेखक हैं, जो मानवाधिकार कार्यकर्ता भी हैं।

हमलों के लिए महिलाओं के उपयोग पर सवाल

शारी अपने छात्र जीवन के समय बलूच स्टूटेंड्स ऑर्गनाइडेशन से जुड़ी थी। लेकिन सुरक्षा बलों के पास इस बात के कोई सुराग नहीं थे कि उसका संबंध बीएलए से भी है। जबकि कराची यूनिवर्सिटी में हमले के कुछ देर बाद बीएलए ने इसकी जिम्मेदारी ली।

टीकाकार शहबुल्लाह यूसुफजई और हसन सिद्दीकी ने एक विश्लेषण में कई अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है- ‘हमलों के लिए महिलाओं के उपयोग से कई सवाल खड़े हुए हैः क्या बलूच विद्रोह अब नया रूप ले रहा है? अब हमलों के लिए महिलाओं का इस्तेमाल क्यों शुरू किया गया है और पहले उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? क्या इन महिलाओं का ब्रेनवॉश किया गया है या उन्हें जबरन ऐसे काम में लगाया जा रहा है?’



कई दूसरे विश्लेषकों का कहना है कि शारी जिस पृष्ठभूमि से आई और जिस तरह उसे हमले के पहले ट्विट किया, उससे ऐसा नहीं लगता कि उसने यह काम किसी जोर-जबर्दस्ती के कारण किया होगा। बल्कि इससे बलूचिस्तान में पाकिस्तान और चीन के खिलाफ भड़क रही भावनाओं का संकेत मिला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed