इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज: अभी जो बाइडन के लिए राहत की सांस नहीं, सहमति बनने में हो रही मुश्किल
पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि गठन के लिहाज से सीनेट की तुलना में हाउस का माहौल बिल्कुल ही अलग है। सीनेट 100 सदस्यों का सदन है, जबकि हाउस में 435 सदस्य हैं। हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी का स्पष्ट बहुमत है, जबकि सीनेट में दोनों पार्टियों के 50-50 सदस्य हैं...
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अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज के उस हिस्से को आगे बढ़ाने में गुरुवार को शुरुआती कामयाबी मिली, जब उस पर विचार के लिए लाया गया प्रस्ताव सीनेट में पारित हो गया। राष्ट्रपति बाइडन ने 2.3 ट्रिलियन डॉलर का इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज घोषित किया था। लेकिन उसके सिर्फ एक हिस्से को मंजूरी देने पर रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर राजी हुए हैं, जिस पर अतिरिक्त खर्च तकरीबन 566 अरब डॉलर आएगा। पहले पारित हो चुके कोरोना राहत पैकेज में शामिल कुछ योजनाओं के बजट को इसमें शामिल करके इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज के इस हिस्से को एक ट्रिलियन डॉलर का बताया गया है।
पर्यवेक्षकों का कहना है कि अगर पैकेज का ये हिस्सा सीनेट में पास हो जाता है, तब भी इसके सामने चुनौतियां कायम रहेंगी। इसकी वजह डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव खेमे की यह मांग है कि इस पैकेज के साथ ही अलग से उस हिस्से को बजट रिकॉन्सिलिएशन नियम के तहत पास कराया जाए, जिस पर रिपब्लिकन सीनेटर राजी नहीं हुए। ये नियम लागू होने पर संबंधित बिल साधारण बहुमत से पास हो सकता है। अगर ऐसा कराने पर बाइडन प्रशासन राजी नहीं हुआ, तो सीनेट से पारित बिल जब हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में जाएगा, तो इसे मंजूरी मिलना तय नहीं है।
पैकेज के जिस हिस्से पर दोनों दलों में सहमति बनी है, उसकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के कई डेमोक्रेटिक सदस्यों ने आलोचना की है। न्यूयॉर्क से निर्वाचित सदस्य हाकिम जेफरी ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा- ‘दोनों पार्टियों के बीच सहमति से बिल पास हो यह महत्वपूर्ण है। लेकिन हम 21वीं सदी का बिल चाहते हैं, जिसे जलवायु परिवर्तन की समस्या को समझ कर बनाया गया हो।’ एक अन्य डेमोक्रेटिक सदस्य जैकी स्पीयर ने कहा- ‘सूप अभी बन कर तैयार नहीं हुआ है।’
पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि गठन के लिहाज से सीनेट की तुलना में हाउस का माहौल बिल्कुल ही अलग है। सीनेट 100 सदस्यों का सदन है, जबकि हाउस में 435 सदस्य हैं। हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी का स्पष्ट बहुमत है, जबकि सीनेट में दोनों पार्टियों के 50-50 सदस्य हैं। इसलिए पर्यवेक्षकों का कहना है कि जो बिल सीनेट से पास हो कर जाएगा, हाउस में उसकी पूरी सूरत बदल सकती है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक कई सिविल सोसायटी समूह दो दलों की सहमति से तैयार बिल से खासे नाराज हैं। एक ऐसे ही संगठन पीपुल्स एक्शन कैम्पेंस की निदेशक सोंड्रा यॉडेलमैन ने वेबसाइट कॉमनड्रीम्स.ओआरजी से कहा- ‘जो इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल आया है, रिपब्लिकन पार्टी के कारण वह बहुत छोटा है। हम डेमोक्रेटिक पार्टी से मांग करते हैं कि वह इससे ज्यादा व्यापक बजट बिल पारित करे और उस बात को खत्म करे, जो इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल के साथ शुरू हुई है।’ यॉडेलमैन ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी को जीवन में एक बार आने वाला मौका मिला है, जब वह जलवायु परिवर्तन को रोकने, अच्छी नौकरियां पैदा करने, महत्त्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने, सबको सस्ता घर मुहैया कराने, और बच्चों के पालन-पोषण में परिवारों की मदद करने के कदम उठा सकती है।
टीवी चैनल सीएनएन की वेबसाइट पर छपे एक विश्लेषण में ध्यान दिलाया गया है कि सीनेट में अभी सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज से संबंधित बिल पर चर्चा के प्रस्ताव को ही मंजूरी मिली है। इस टिप्पणी के मुताबिक इस प्रक्रिया में फिर यही जाहिर हुआ है कि अमेरिका आज एक बंटा हुआ देश है। इसमें कहा गया है कि अभी भी डोनाल्ड ट्रंप समर्थक रिपब्लिकन इस प्रस्ताव के रास्ते में पेच उलझा सकते हैं।
कुल मिलाकर फिलहाल संकेत यह है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज बिल जो बाइडन प्रशासन के गले की फांस बना हुआ है। एक तरफ इसका आकार छोटा करने के लिए उनसे अपनी ही पार्टी का प्रोग्रेसिव धड़ा नाराज है, तो दूसरी तरफ आखिरी वक्त में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से समस्या खड़ी किए जाने की आशंका कायम है।