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US: नौकरियों में कटौती के बीच ट्रंप की कार्रवाई, रोजगार आंकड़ों की निगरानी करने वाले अधिकारी को हटाया

Sat, 02 Aug 2025 08:07 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: बशु जैन Updated Sat, 02 Aug 2025 08:07 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और व्यापार नीति के कारण दुनियाभर में हलचल है। टैरिफ का असर अमेरिका के बाजार पर नजर आ रहा है। इसके चलते वहां नौकरियों का संकट है। इसके बाद ट्रंप ने रोजगार आंकड़ों की निगरानी करने वाले अधिकारी को हटा दिया है। 

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Jobs crisis in America after Trump's tariffs; Officer monitoring employment data removed
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद अमेरिका में नौकरियों का संकट खड़ा हो गया है। अमेरिकी नियोक्ता नौकरियों में कटौती कर रहे हैं। इसे लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने मासिक रोजगार आंकड़े तैयार करने वाली एजेंसी के प्रमुख को हटा दिया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से आंकड़ों में हेरफेर किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा नियुक्त श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के निदेशक एरिका मैकएंटार्फर को बर्खास्त कर देना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि मैंने अपनी टीम को निर्देश दिया है कि बाइडन द्वारा नियुक्त इस राजनीतिक व्यक्ति को तुरंत बर्खास्त कर दिया जाए। उनकी जगह किसी और ज्यादा सक्षम और योग्य व्यक्ति को लाया जाएगा। मेरी राय में आज के नौकरियों के आंकड़ों में हेराफेरी की गई है ताकि रिपब्लिकन और मुझे बुरा दिखाया जा सके।
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ट्रंप ने कहा कि कोई इतना गलत तो नहीं हो सकता? हमें नौकरियों के सटीक आंकड़े चाहिए। उनकी जगह कोई और ज्यादा सक्षम और योग्य व्यक्ति आएगा। इस तरह के महत्वपूर्ण आंकड़े निष्पक्ष और सटीक होने चाहिए, राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इनमें हेरफेर नहीं किया जा सकता।
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मैकएंटार्फर की बर्खास्तगी की एक समूह ने कड़ी निंदा की। फ्रेंड्स ऑफ बीएलएस समूह ने कहा कि डॉ. मैकएंटार्फर को नौकरी से निकालने का यह तर्क निराधार है और संघीय आर्थिक आंकड़ों की विश्वसनीयता को कमजोर करता है, जो व्यवसायों, परिवारों और नीति निर्माताओं द्वारा बुद्धिमानी से आर्थिक निर्णय लेने की आधारशिला हैं। मैकएंटार्फर को 2023 में बाइडेन द्वारा नामित किया गया था और जनवरी 2024 में वे श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के आयुक्त बने। आयुक्त आमतौर पर चार साल का कार्यकाल पूरा करते हैं, लेकिन वे राजनीतिक नियुक्तियां होती हैं। इसलिए उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है।

अमेरिका में मंदी की आहट
श्रम विभाग ने बताया कि अमेरिकी नियोक्ताओं ने पिछले महीने सिर्फ 73,000 नौकरियां जोड़ीं। जबकि मई और जून में 2,58,000 नौकरियां छीन लीं गईं। इसके बाद बेरोजगारी दर बढ़कर 4.2% हो गई। साथ ही बेरोजगारों की संख्या में 2,21,000 की इजाफा हुआ।  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और व्यापार नीति के कारण दुनियाभर में हलचल है। टैरिफ का असर अमेरिका के बाजार पर नजर आ रहा है। इसके चलते वहां नौकरियों का संकट है। बीएमओ कैपिटल मार्केट्स के मुख्य अमेरिकी अर्थशास्त्री स्कॉट एंडरसन ने कहा कि अमेरिकी श्रम बाजार की स्थितियों में गिरावट आ रही है। टैरिफ, व्यापार युद्ध शुरू होने और आव्रजन प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से ही हम इसका अनुमान लगा रहे थे। यह रिपोर्ट श्रम बाजार के लिए और भी कठिन स्थिति पैदा होने के जोखिम को उजागर करती है।


कारखानों और सरकार में नौकरियों में कटौती
अमेरिका में कारखानों ने जून में 15,000 और मई में 11,000 नौकरियों की कटौती के बाद जुलाई महीने 11,000 नौकरियों में कटौती की। संघीय सरकार में 12,000 नौकरियां कम हुईं। प्रशासन और सहायक विभागों में लगभग 20,000 नौकरियां कम हुईं। स्वास्थ्य सेवा कंपनियों ने पिछले महीने 55,400 नौकरियां जोड़ी। राज्य और स्थानीय सरकारों ने जून में 64,000 शिक्षा संबंधी नौकरियां जोड़ी थीं। शुक्रवार को किए गए संशोधनों के बाद ये नौकरियां घटकर 10,000 से भी कम रह गईं।

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