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Japan: सबसे लंबे समय तक मौत की सजा पाने वाले कैदी की 45 साल बाद हुई रिहाई, हत्या के मामले में बरी

Fri, 27 Sep 2024 09:04 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 27 Sep 2024 09:04 AM IST
सार

इवाओ हाकामाडा को करीब 45 साल पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से उसकी मौत की सजा टलती रही। ऐसे में साल 2014 में इवाओ हाकामाडा का नाम सबसे लंबे समय तक मौत की सजा काटने वाले कैदी के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया था।

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Japanese Man Iwao Hakamada Acquitted of Murders After 45 Years On Death Row
45 साल बाद हुई रिहाई - फोटो : ANI

विस्तार

जापान में सबसे लंबे समय तक मौत की सजा काटने वाले एक व्यक्ति को आखिरकार रिहा कर दिया गया। अदालत ने 88 साल के इवाओ हाकामाडा को निर्दोष मानते हुए आरोपों से बरी करने का आदेश दिया। इवाओ हाकामाडा पर साल 1966 में चार लोगों की हत्याओं का आरोप था। गौरतलब है कि इवाओ हाकामाडा को करीब 45 साल पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से उसकी मौत की सजा टलती रही। ऐसे में साल 2014 में इवाओ हाकामाडा का नाम सबसे लंबे समय तक मौत की सजा काटने वाले कैदी के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया था।
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जापान को शिजुओका जिला न्यायालय ने इवाओ हाकामाडा को दोषमुक्त करार दिया। इवाओ हाकामाडा की देखभाल उसकी बहन करती है। अदालत के आदेश पर खुशी जाहिर करते हुए इवाओ हाकामाडी की बहन हिदेको हाकामाडा ने कहा कि 'जब मैने टीवी पर अदालत का आदेश सुना तो मैं बहुत भावुक हो गई और मेरी आंखों से आंसू बहते रहे।' दरअसल जिन सबूतों के आधार पर इवाओ को मौत की सजा दी गई थी, उन पर संदेह के चलते साल 2014 में इवाओ हाकामाडा के मामले पर फिर से सुनवाई शुरू हुई थी। 
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पूर्व बॉस और उसके परिवार की हत्या का था आरोप
इवाओ हाकामाडा एक पूर्व बॉक्सर है और उस पर अपने पूर्व बॉस और उसके परिवार की चाकू घोंपकर हत्या करने और उनके घर को जलाने का आरोप था। मामले के ट्रायल के दौरान इवाओ हाकामाडा ने अपना अपराध स्वीकार भी कर लिया था, लेकिन बाद में इवाओ ने अपना बयान वापस ले लिया और आरोप लगाया कि पुलिस के दबाव में उसने बयान दिया था। इवाओ को साल 1968 में मौत की सजा सुनाई गई थी और साल 1980 में जापान के सुप्रीम कोर्ट ने भी इवाओ की मौत की सजा बरकरार रखी थी। 
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