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Japan: 16 मार्च से अपने तेल भंडार का इस्तेमाल शुरू करेगा जापान, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ा ऊर्जा संकट
Wed, 11 Mar 2026 05:25 PM IST
Nirmal Kant
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो।
Published by: Nirmal Kant
Updated Wed, 11 Mar 2026 05:25 PM IST
सार
जापान 16 मार्च से अपने तेल भंडार का हिस्सा जारी करेगा, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से तेल आपूर्ति के असर को कम किया जा सके। ईरान और उसके सहयोगियों ने खाड़ी क्षेत्रों पर हमले कर जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट बढ़ गया है। जी7 के सदस्य देशों ने आपूर्ति सुरक्षा और रणनीतिक भंडार के उपयोग की समीक्षा की।
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साने ताकाइची, प्रधानमंत्री, जापान।
- फोटो : एक्स/साने ताकाइची
विस्तार
पश्चिम एशिया में संकट के कारण दुनिया के देशों के ईंधन की कमी की चिंता सताने लगी है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने बुधवार को कहा कि देश तेल भंडार का कुछ हिस्सा 16 मार्च से इस्तेमाल करना शुरू कर देगा। ताकाइची का यहा फैसला होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल और गैस मार्ग बाधित होने के बीच आया है।
समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री ताकाइची ने बताया कि जापान निजी क्षेत्र के तेल भंडार से 15 दिन का और सरकार के तेल भंडार से एक महीने का तेल जारी करने की योजना बना रहा है।
अमेरिका और इस्राइल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। इसके बाद दोनों ओर से एक दूसरे ड्रोन और मिसाइलों से हमले जारी है। ईरान और उसके सहयोगियों ने जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस मार्ग से गुजरेगा, उस पर हमला किया जा सकता है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट
ईरान ने सऊदी अरब, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे तेल-समृद्ध खाड़ी देशों पर हमले करके होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। इस जलडमरूमध्य के जरिये दुनिया के एक-पांचवें तेल का परिवहन होता। होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना 1970 के तेल संकट के बाद से सबसे बड़ा तेल और ऊर्जा की आपूर्ति में संकट है।
ये भी पढ़ें: 'ईरानी दूतावास को सौंपे जाएं अमेरिकी हमले में मारे गए लोगों के शव', श्रीलंका की अदालत का आदेश
जी7 की रणनीति
जापान ने यह फैसला उस समय लिया है, जब सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह (जी7) कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग तैयारी कर रहा है। जापान ने जी7 के नेताओं की वीडियो कॉन्फ्रेंस से पहले यह फैसला लिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अध्यक्षता में इस कॉन्फ्रेंस में युद्ध के आर्थिक असर पर चर्चा होने वाली थी। पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय उर्जा एजेंसी के सदस्य देशों ने मंगलवार को संकट बैठक की। उन्होंने उर्जा आपूर्ति सुरक्षा व आपातकालीन भंडार जारी करने की संभावनाओं का मूल्यांकन किया।
जी7 के उर्जा मंत्रियों ने कहा, हम इस स्थिति से निपटने के लिए मौजूद उपायों के क्रियान्वयन का समर्थन करते हैं, जिनमें रणनीतिक भंडार का उपयोग भी शामिल है। जी7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।
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समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री ताकाइची ने बताया कि जापान निजी क्षेत्र के तेल भंडार से 15 दिन का और सरकार के तेल भंडार से एक महीने का तेल जारी करने की योजना बना रहा है।
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अमेरिका और इस्राइल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। इसके बाद दोनों ओर से एक दूसरे ड्रोन और मिसाइलों से हमले जारी है। ईरान और उसके सहयोगियों ने जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस मार्ग से गुजरेगा, उस पर हमला किया जा सकता है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट
ईरान ने सऊदी अरब, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे तेल-समृद्ध खाड़ी देशों पर हमले करके होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। इस जलडमरूमध्य के जरिये दुनिया के एक-पांचवें तेल का परिवहन होता। होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना 1970 के तेल संकट के बाद से सबसे बड़ा तेल और ऊर्जा की आपूर्ति में संकट है।
ये भी पढ़ें: 'ईरानी दूतावास को सौंपे जाएं अमेरिकी हमले में मारे गए लोगों के शव', श्रीलंका की अदालत का आदेश
जी7 की रणनीति
जापान ने यह फैसला उस समय लिया है, जब सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह (जी7) कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग तैयारी कर रहा है। जापान ने जी7 के नेताओं की वीडियो कॉन्फ्रेंस से पहले यह फैसला लिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अध्यक्षता में इस कॉन्फ्रेंस में युद्ध के आर्थिक असर पर चर्चा होने वाली थी। पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय उर्जा एजेंसी के सदस्य देशों ने मंगलवार को संकट बैठक की। उन्होंने उर्जा आपूर्ति सुरक्षा व आपातकालीन भंडार जारी करने की संभावनाओं का मूल्यांकन किया।
जी7 के उर्जा मंत्रियों ने कहा, हम इस स्थिति से निपटने के लिए मौजूद उपायों के क्रियान्वयन का समर्थन करते हैं, जिनमें रणनीतिक भंडार का उपयोग भी शामिल है। जी7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।