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होर्मुज पर कब्जे के दावे को अमेरिका ने नकारा: बोला- ईरान की नौसेना ही नहीं बची; कैसी है स्थिति?
Mon, 28 Sep 2026 10:55 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, वाशिंगटन।
एएनआई, वाशिंगटन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 28 Sep 2026 10:55 PM IST
सार
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरानी कमांडर के पूर्ण नियंत्रण के दावे को अमेरिका ने खारिज कर दिया है। अमेरिकी मध्य कमान का कहना है कि ईरान के पास नौसेना नहीं है और हजारों जहाज इस जलमार्ग से गुजर चुके हैं। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारी और सर्वोच्च नेता जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ और सैन्य तैयारी का दावा कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव के बीच यह बयानबाजी और महत्वपूर्ण हो गई है।
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होर्मुज पर दावा
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर सामने आया है। ईरान के इस्लामी क्रांतिकारी रक्षक दल के एक वरिष्ठ कमांडर ने दावा किया कि ईरान का इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर पूरा नियंत्रण है। अमेरिकी मध्य कमान ने इस दावे को सीधे तौर पर खारिज कर दिया।
अमेरिका ने दावे को बताया गलत
अमेरिकी मध्य कमान ने सामाजिक माध्यम पर जारी बयान में कहा कि ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर न तो संचालन संबंधी नियंत्रण है और न ही नौसैनिक प्रभुत्व। अमेरिकी कमान ने ईरानी कमांडर के दावे को गलत बताते हुए कहा कि ईरान के पास नौसेना नहीं है, क्योंकि अमेरिकी बलों ने उसे नष्ट कर दिया है।
हजारों जहाजों के गुजरने का दिया हवाला
अमेरिकी मध्य कमान ने अपने दावे के समर्थन में कहा कि पिछले कुछ महीनों में हजारों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजर चुके हैं। उसके मुताबिक, इसी अवधि में एक अरब बैरल से ज्यादा तेल भी इस जलमार्ग से होकर गुजरा है। अमेरिका का कहना है कि यह स्थिति ईरान के पूर्ण नियंत्रण के दावे से मेल नहीं खाती।
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ईरानी अधिकारी ने क्या कहा था?
ईरान के सेना प्रमुख के स्टाफ और उप समन्वयक हबीबुल्लाह सय्यारी ने कहा था कि इस्लामी क्रांतिकारी रक्षक दल के तहत काम करने वाली नौसैनिक सेनाएं फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण रखती हैं। उन्होंने कहा था कि ईरानी सेना हिंद महासागर की ओर जाने वाले जलमार्ग के पूर्वी प्रवेश द्वार की निगरानी करती है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि जरूरत पड़ने पर किसी भी समुद्री यातायात को यहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा।
खामेनेई ने भी होर्मुज को लेकर चेताया
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सोमवार को देश में व्यापक सशस्त्र तैयारी की बात कही। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना और समाज के अलग-अलग वर्ग अपने विरोधियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि ईरानी लड़ाकों और जलमार्ग के रक्षकों ने दुश्मन को दर्दनाक झटके दिए हैं।
यह भी पढ़ें: एलन मस्क का सबसे बड़ा दांव: पहली बार अंतरिक्ष में पहुंचा दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट; 26 स्टारलिंक V3 भी साथ
बोले- दुश्मन अरब सागर से आगे नहीं बढ़ता
खामेनेई ने कहा कि ईरान के दक्षिणी समुद्र कभी दुश्मन की गतिविधियों का क्षेत्र थे, लेकिन अब ईरानी बलों की कार्रवाई के कारण वे अरब सागर से आगे नहीं बढ़ते। उन्होंने यह भी कहा कि जब विरोधी इस खतरे का सामना करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। खामेनेई ने ईरानी समाज के अलग-अलग वर्गों के एकजुट होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को बनाए रखने की बात भी कही।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले से तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रमुख जलमार्ग को फिर से खोलने से जुड़ी ईरान की एक पेशकश को खारिज कर दिया है।
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह दुनिया की तेल आपूर्ति के एक बड़े हिस्से के लिए प्रमुख रास्ता है। इसी वजह से इस जलमार्ग को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता है।
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अमेरिका ने दावे को बताया गलत
अमेरिकी मध्य कमान ने सामाजिक माध्यम पर जारी बयान में कहा कि ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर न तो संचालन संबंधी नियंत्रण है और न ही नौसैनिक प्रभुत्व। अमेरिकी कमान ने ईरानी कमांडर के दावे को गलत बताते हुए कहा कि ईरान के पास नौसेना नहीं है, क्योंकि अमेरिकी बलों ने उसे नष्ट कर दिया है।
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हजारों जहाजों के गुजरने का दिया हवाला
अमेरिकी मध्य कमान ने अपने दावे के समर्थन में कहा कि पिछले कुछ महीनों में हजारों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजर चुके हैं। उसके मुताबिक, इसी अवधि में एक अरब बैरल से ज्यादा तेल भी इस जलमार्ग से होकर गुजरा है। अमेरिका का कहना है कि यह स्थिति ईरान के पूर्ण नियंत्रण के दावे से मेल नहीं खाती।
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ईरानी अधिकारी ने क्या कहा था?
ईरान के सेना प्रमुख के स्टाफ और उप समन्वयक हबीबुल्लाह सय्यारी ने कहा था कि इस्लामी क्रांतिकारी रक्षक दल के तहत काम करने वाली नौसैनिक सेनाएं फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण रखती हैं। उन्होंने कहा था कि ईरानी सेना हिंद महासागर की ओर जाने वाले जलमार्ग के पूर्वी प्रवेश द्वार की निगरानी करती है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि जरूरत पड़ने पर किसी भी समुद्री यातायात को यहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा।
खामेनेई ने भी होर्मुज को लेकर चेताया
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सोमवार को देश में व्यापक सशस्त्र तैयारी की बात कही। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना और समाज के अलग-अलग वर्ग अपने विरोधियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि ईरानी लड़ाकों और जलमार्ग के रक्षकों ने दुश्मन को दर्दनाक झटके दिए हैं।
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बोले- दुश्मन अरब सागर से आगे नहीं बढ़ता
खामेनेई ने कहा कि ईरान के दक्षिणी समुद्र कभी दुश्मन की गतिविधियों का क्षेत्र थे, लेकिन अब ईरानी बलों की कार्रवाई के कारण वे अरब सागर से आगे नहीं बढ़ते। उन्होंने यह भी कहा कि जब विरोधी इस खतरे का सामना करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। खामेनेई ने ईरानी समाज के अलग-अलग वर्गों के एकजुट होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को बनाए रखने की बात भी कही।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले से तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रमुख जलमार्ग को फिर से खोलने से जुड़ी ईरान की एक पेशकश को खारिज कर दिया है।
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह दुनिया की तेल आपूर्ति के एक बड़े हिस्से के लिए प्रमुख रास्ता है। इसी वजह से इस जलमार्ग को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता है।