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Japan: जापान में लगभग आधे युवाओं में है आत्मघाती सोच, अमेरिकी सर्वे में हुआ खुलासा

Sat, 06 May 2023 01:18 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 06 May 2023 01:18 PM IST
सार

आत्मघाती सोच से शिकार 56.6 फीसदी युवाओं ने कहा कि वे इस बारे में किसी से बात नहीं करते। जबकि 12.4 फीसदी युवाओं ने कहा कि ऐसी सोच आने पर उन्होंने अपने दोस्तों से बात की है। ऐसी सोच वाले 11.7 फीसदी युवाओं ने कहा कि अपनी इस भावना के बारे में उन्होंने अपनी मां से बात की...

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Japan: About half of the youth in Japan have suicidal approach, American survey revealed
Japan - फोटो : istock

विस्तार

धनी देशों में अपनी जिंदगी से निराश लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले हफ्ते अमेरिका में हुए एक सर्वे से सामने आया था कि वहां कम उम्र लड़कियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। अब ऐसा ही निष्कर्ष जापान में हुए एक सर्वे से सामने आया है। गैर सरकारी संस्था निप्पॉन फाउंडेशन की तरफ से कराए गए इस सर्वे के मुताबिक जापान के लगभग आधे (यानी 50 प्रतिशत) युवाओं में आत्मघाती सोच है। ऐसी भावना से ग्रस्त युवाओं में ज्यादातर ने शोधकर्ताओं को बताया कि अपनी ऐसी सोच के बारे में वे किसी से बात नहीं करते हैं।  

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यह सर्वे पांच लाख से भी ज्यादा नौजवानों के बीच किया गया। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक शोधकर्ताओं ने 18 से 29 साल के बीच की उम्र वाले 5,01,018 व्यक्तियों को अपने सवाल भेजे। उनमें से 14,819 व्यक्तियों के उत्तर वैध पाए गए। आत्मघाती सोच से शिकार 56.6 फीसदी युवाओं ने कहा कि वे इस बारे में किसी से बात नहीं करते। जबकि 12.4 फीसदी युवाओं ने कहा कि ऐसी सोच आने पर उन्होंने अपने दोस्तों से बात की है। ऐसी सोच वाले 11.7 फीसदी युवाओं ने कहा कि अपनी इस भावना के बारे में उन्होंने अपनी मां से बात की।

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सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक वैध जवाब भेजने वाले नौजवानों में 44.8 फीसदी ने कहा कि उन्होंने कभी ना कभी आत्महत्या करने के बारे में जरूर सोचा है। ऐसी सोच का कारण अपने संबंधों में परेशानी, आसपास के किसी व्यक्ति का डर और रोजगार या शिक्षा संबंधी भविष्य को लेकर चिंता रहे हैँ। जिन नौजवानों में आत्महत्या की भावना आई, उनमें से 40.8 फीसदी ने कहा कि अतीत में वो खुदकुशी की तैयारी या कोशिश कर चुके हैं।

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सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक आत्महत्या का ख्याल सबसे एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों में आया। समलैंगिकता के मामले में जापान एक कंजरवेटिव सोसायटी है। वहां ऐसे लोगों की जिंदगी मुश्किल बनी रहती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक एलजीबीटीक्यू समुदाय में सबसे ज्यादा आत्मघाती प्रवृत्ति ट्रांसजेंडर व्यक्तियों या उन व्यक्तियों में देखी गई है, जो सिर्फ समलैंगिकता में रुचि रखते हैं- यानी विषमलिंगी के साथ संबंध बनाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं होती।      

इसके अलावा यौन उत्पीड़न का शिकार हुए लोगों में भी आत्मघाती ख्याल ज्यादा आते हैं। सर्वे से सामने आया कि यौन उत्पीड़न के शिकार रहे 76.4 फीसदी लोगों में कभी ना कभी आत्महत्या कर लेने का भाव जगा। सर्वे से यह भी सामने आया कि जिन 14 हजार से अधिक लोगों ने वैध उत्तर भेजे, उनमें से 15.3 फीसदी अपने जीवन में यौन उत्पीड़न का शिकार बन चुके थे।

अखबार जापान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में जापान सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि 2019 से 2021 के बीच आत्महत्या नौजवान लोगों की मृत्यु का एक बड़ा कारण रही। जापान सरकार आत्महत्या की भावना का शिकार लोगों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी कर चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जन से अपील की है कि अगर उन्हें कोई आत्मघाती प्रवृत्ति का व्यक्ति मिले, तो वे उसे संबंधित सरकारी विभाग तक पहुंचाने में मदद करें।

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