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चीन के ओबीओआर परियोजना पर हस्ताक्षर करने वाला पहला जी-7 देश बना इटली
Sun, 24 Mar 2019 08:25 AM IST
sapna singla
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Published by: sapna singla
Updated Sun, 24 Mar 2019 08:25 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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इटली ने चीन के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग पर शनिवार को वन बेल्ट वन रोड इनिशिएटिव (ओबीओआर) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मकसद दोनों देश के बीच अफ्रीका, यूरोप और अन्य महाद्वीपों में बंदरगाह, पुल और बिजलीघर का निर्माण करना है।
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इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंटे और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रोम में एक कार्यक्रम के दौरान हाथ मिलाए और 29 अलग-अलग मेमोरेंडम पर दोनों सरकारों ने हस्ताक्षर किए। मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर करने के बाद इटली जी-7 देशों मे से पहला ऐसा देश बन गया है जिसने चीन के ओबीओआर को अपनाया है।
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जी-7 देशों में अमेरिका भी शामिल है। इटली को उम्मीद है कि इस कदम के जरिए वह अपने देश के पारंपरिक बंदरगाहों को पुनर्जीवित कर सकता है जो पूर्व और पश्चिम के बीच लिंक स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर विला मडामा में हुए।
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चीन की पहल को अपनाने से इटली ने ड्रैगन को पश्चिमी यूरोप में अपनी पहुंच बनाने का अवसर दिया है। वहीं यह एक तरह से अमेरिका के साथ चीन की चल रही आर्थिक लड़ाई में उसे प्रतीकात्मक बढ़ावा देगी। इटली और चीन के बीच 2.5 बिलियन यानी 1 खरब 72 अरब 92 करोड़ 62 लाख, 50 हजार रुपये का समझौता हुआ है।
इटली के उप प्रधानमंत्री ल्यूगी डी मायो ने शनिवार को कहा कि समझौते की राशि बढ़ सकती है। यूरोपियन यूनियन चीनी कंपनियों द्वारा किए जाने वाले अनुचित प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंतित हैं जिनका नियंत्रण सरकार के हाथ में है। यूरोपियन यूनियन के नेता चीनी प्रभाव को कम करने के लिए रणनीति बना रहे हैं। वहीं चीन का दावा है कि उसके 10 खरब डॉलर वाले अभियान से अब तक 150 देश जुड़ चुके हैं।