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Iran: 'अब हमारी युद्ध की तैयारी पहले कहीं अधिक....', ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरानी सेना प्रमुख का बयान
Wed, 07 Jan 2026 07:38 PM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 07 Jan 2026 07:38 PM IST
सार
ईरान के सेना प्रमुख ने देश में विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिका और इस्राइल की ओर से आ रहे बयानों पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी युद्ध की तैयारी अब पहले से कहीं ज्यादा है और किसी को भी बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा। ईरान में बीते 11 दिनों से प्रदर्शन जारी हैं।
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मेजर जनरल अमीर हातेमी
- फोटो : एक्स/आरटी
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विस्तार
ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातेमी ने बुधवार को देश के खिलाफ 'बयानों' को लेकर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा दुश्मन के हमलों से 'पहले हमला' करने की चेतावनी दी। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी की ओर इशारा माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर तेहरान शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कररहे लोगों को हिंसक तरीके से मारता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा।
मेजर जनरल अमीर हातेमी का यह बयान ऐसे समय में आया, जब ईरान, इस्राइल और अमेरिका की ओर से पैदा दोहरे खतरे का सामना कर रहा है। साथ ही देश की आर्थिक परेशानियों के कारण शुरू हुए प्रदर्शन अब उसके सख्त धार्मिक शासन के लिए सीधे चुनौती बन गए हैं। आक्रोश को शांत करने के लिए ईरान सरकार ने बुधवार से परिवारों के बैंक खातों में करीब सात डॉलर मासिक सब्सिडी देना शुरू किया, ताकि चावल, मांस और पास्ता जैसी जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों को कम किया जा सके।
ये भी पढ़ें: भारत-इस्राइल के प्रधानमंत्रियों की बातचीत, रक्षा और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
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दुकानदारों ने कहा कि खाना पकाने के तेल जैसी जरूरी चीजों की कीमतें ईरानी रियाल के गिरने और आयातकों और निर्माता के लिए सस्ती डॉलर-रियाल विनिमय दर खत्म होने से तीन गुना बढ़ सकती हैं। इससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ सकती है।
न्यूयॉर्क स्थित थिंक टैंक सूफान सेंटर ने कहा, ईरान में एक हफ्ते से अधिक समय से जारी प्रदर्शन केवल खराब होती आर्थिक स्थिति ही नहीं, बल्कि सरकार के दमन और शासन की नीतियों के कारण लंबे समय से बढ़ी नाराजगी को दर्शाते हैं, जिनकी वजह से ईरान दुनिया से अलग-थलग पड़ गया है।
कौन हैं मेजर जनरल हातेमी?
हतामी ने सेना अकादमी के छात्रों से बात की। उन्होंने जून में 12-दिन के संघर्ष के दौरान तब ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ का पद संभाला, जब इस्राइल ने कथित तौर पर देश के शीर्ष सैन्य कमांडरों की हत्या कर डाली थी। वह दशकों में पहले नियमित सैन्य अधिकारी हैं, जिन्होंने यह पद संभाला है, जो लंबे समय तक ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के नियंत्रण में रहा। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, हातेमी ने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ इस तरह की भाषा का तेजी से इस्तेमाल होना एक खतरा है और इसे बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा, मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि आज ईरान की सशस्त्र सेनाओं की युद्ध की तत्परता पहले से कहीं अधिक है। अगर दुश्मन कोई गलती करता है, तो उसे और निर्णायक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा और हम किसी भी आक्रामण करने वालों के हाथ काट देंगे।
ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी
देश में पिछले 11 दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की समाचार एजेंसी के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 30 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और सुरक्षा बलों के दो सदस्य शामिल हैं। ये प्रदर्शन ईरान के 31 में से 27 प्रांतों में 280 से अधिक स्थानों पर फैल चुके हैं। इसको लेकर ईरान के उप राष्ट्रपति (कार्यकारी मामले) मोहम्मद जाफर घैमपनाह ने स्वीकार किया कि देश पूर्ण आर्थिक युद्ध की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए आर्थिक शल्य चिकित्सा (सर्जरी) आवश्यक है।
अन्य वीडियो-
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मेजर जनरल अमीर हातेमी का यह बयान ऐसे समय में आया, जब ईरान, इस्राइल और अमेरिका की ओर से पैदा दोहरे खतरे का सामना कर रहा है। साथ ही देश की आर्थिक परेशानियों के कारण शुरू हुए प्रदर्शन अब उसके सख्त धार्मिक शासन के लिए सीधे चुनौती बन गए हैं। आक्रोश को शांत करने के लिए ईरान सरकार ने बुधवार से परिवारों के बैंक खातों में करीब सात डॉलर मासिक सब्सिडी देना शुरू किया, ताकि चावल, मांस और पास्ता जैसी जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों को कम किया जा सके।
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दुकानदारों ने कहा कि खाना पकाने के तेल जैसी जरूरी चीजों की कीमतें ईरानी रियाल के गिरने और आयातकों और निर्माता के लिए सस्ती डॉलर-रियाल विनिमय दर खत्म होने से तीन गुना बढ़ सकती हैं। इससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ सकती है।
न्यूयॉर्क स्थित थिंक टैंक सूफान सेंटर ने कहा, ईरान में एक हफ्ते से अधिक समय से जारी प्रदर्शन केवल खराब होती आर्थिक स्थिति ही नहीं, बल्कि सरकार के दमन और शासन की नीतियों के कारण लंबे समय से बढ़ी नाराजगी को दर्शाते हैं, जिनकी वजह से ईरान दुनिया से अलग-थलग पड़ गया है।
कौन हैं मेजर जनरल हातेमी?
हतामी ने सेना अकादमी के छात्रों से बात की। उन्होंने जून में 12-दिन के संघर्ष के दौरान तब ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ का पद संभाला, जब इस्राइल ने कथित तौर पर देश के शीर्ष सैन्य कमांडरों की हत्या कर डाली थी। वह दशकों में पहले नियमित सैन्य अधिकारी हैं, जिन्होंने यह पद संभाला है, जो लंबे समय तक ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के नियंत्रण में रहा। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, हातेमी ने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ इस तरह की भाषा का तेजी से इस्तेमाल होना एक खतरा है और इसे बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा, मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि आज ईरान की सशस्त्र सेनाओं की युद्ध की तत्परता पहले से कहीं अधिक है। अगर दुश्मन कोई गलती करता है, तो उसे और निर्णायक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा और हम किसी भी आक्रामण करने वालों के हाथ काट देंगे।
ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी
देश में पिछले 11 दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की समाचार एजेंसी के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 30 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और सुरक्षा बलों के दो सदस्य शामिल हैं। ये प्रदर्शन ईरान के 31 में से 27 प्रांतों में 280 से अधिक स्थानों पर फैल चुके हैं। इसको लेकर ईरान के उप राष्ट्रपति (कार्यकारी मामले) मोहम्मद जाफर घैमपनाह ने स्वीकार किया कि देश पूर्ण आर्थिक युद्ध की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए आर्थिक शल्य चिकित्सा (सर्जरी) आवश्यक है।
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