यूरोपीय नौसेना मिशन को ईरान ने बताया ‘उकसावे’ वाला कदम, कहा- दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ेगा
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ईरान ने यूरोपीय नेतृत्व वाले नौसेना मिशन के अरब की खाड़ी में भेजने के ब्रिटिश प्रस्ताव को ‘उकसावे’ भरा कदम करार दिया है। ब्रिटेन ने सोमवार को कहा था कि वह ईरान द्वारा उसके तेल टैंकर को कब्जे में लेने के जवाब में यूरोपीय नेतृत्व वाले एक बल को खाड़ी भेजने पर विचार कर रहा है।
इस पर ईरान सरकार के प्रवक्ता अली राबेई ने कहा कि हमने सुना है कि ब्रिटेन अरब की खाड़ी में यूरोपीय नेतृत्व वाले नौसेना बल भेजने वाला है। यह एक प्रतिकूल संदेश और उकसावे भरा कदम है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि ईरान का मानना है कि सभी देशों को तेल समृद्ध खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखनी चाहिए। हम खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के सबसे बड़े प्रतिनिधि हैं। दूसरी ओर, खाड़ी क्षेत्र में यूरोपीय नेतृत्व में अतिरिक्त नौसेना भेजने के ब्रिटेन के प्रस्ताव पर अन्य यूरोपीय देशों ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
फ्रांस ने गुरुवार को कहा था कि वह खाड़ी क्षेत्र में नौसेना की अतिरिक्त टुकड़ी भेजने को इच्छुक नहीं है। वहीं, अमेरिका ने कहा कि वह पहले से ही खाड़ी क्षेत्र के हालात पर नजर बनाए हुए है। बता दें कि ब्रिटिश की नौसेना ने ईरान के एक तेल टैंकर को जिब्राल्टर से जब्त कर लिया था।
इसके जवाब में ईरान ने 19 जुलाई को ब्रिटेन के तेल टैंकर स्टेना इंपेरो को खाड़ी क्षेत्र से पकड़ा था। ईरान का आरोप है कि ब्रिटेन का तेल टैंकर ईंधन की अवैध तस्करी में शामिल था। तेल टैंकर में 18 भारतीयों समेत 23 क्रू मेंबर सवार थे। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरान ब्रिटेन का तेल टैंकर छोड़ सकता है, लेकिन बदले में ब्रिटेन को भी जिब्राल्टर के तट से जब्त किए गए ईरानी जहाज को छोड़ना होगा।
परमाणु डील के बाकी सदस्यों से मिलेगा ईरान
विएना| ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने के बाद रूस, चीन और ब्रिटेन समेत बाकी देशों के प्रतिनिधि रविवार को ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में बैठक करेंगे। इस दौरान परमाणु समझौते के भविष्य पर चर्चा होगी। बैठक को परमाणु समझौते को बचाने की एक और कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था।
अमेरिका ने ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध भी लगा दिए थे। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। परमाणु समझौते में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, चीन और रूस भी शामिल हैं। अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों के जवाब में ईरान ने इस साल मई में यूरेनियम संवर्धन की सीमा बढ़ा दी थी। इस बीच, ईरान ने कहा कि ब्रिटिश नेवी द्वारा जिब्राल्टर से उसके तेल टैंकर को पकड़ना 2015 में हुए परमाणु समझौते का उल्लंघन है।
अमेरिका से युद्ध को तैयार है वेनेजुएला : काबेलो
काराकस| वेनेजुएला में सोशलिस्ट पार्टी के नेता डिओस्डाडो काबेलो ने कहा कि उनका देश अमेरिका से युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन को चेताते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना ने अगर वेनेजुएला में घुसपैठ की तो वह वापस नहीं जाएगी। काबेलो का यह बयान अमेरिकी जासूसी विमान द्वारा वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन की तीसरी घटना के बाद आया है।