{"_id":"5d80cd698ebc3e014f25d804","slug":"iran-said-no-to-any-type-of-talk-with-america-following-drone-attack-on-oil-plants-of-saudi-aramco","type":"story","status":"publish","title_hn":"सऊदी अरामको ड्रोन हमला : ईरान का अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत से इनकार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
सऊदी अरामको ड्रोन हमला : ईरान का अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत से इनकार
Tue, 17 Sep 2019 05:41 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Tue, 17 Sep 2019 05:41 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खुमैनी ने मंगलवार को अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत करने से इनकार किया। सऊदी अरब में सऊदी अरामको तेल संयंत्रों पर हुए हमलों के लिए अमेरिका द्वारा तेहरान को जिम्मेदार ठहराने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने की रणनीति को अपना रहा है।
विज्ञापन
खुमैनी ने कहा कि अमेरिका का मानना है कि वह किसी दूसरे तरीके से इस्लामिक गणराज्य को घुटनों के बल नहीं ला सकता है। उन्होंने एक टीवी संदेश में कहा, 'ईरान राष्ट्र के खिलाफ अधिकतम दबाव की नीति बेकार है और ईरान इस्लामिक गणराज्य के सभी अधिकारियों का एकमत से विश्वास है कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए।'
विज्ञापन
अब ईरान और अमेरिका व उसके सहयोगियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2015 के परमाणु समझौते को रद्द कर दिया था और नए प्रतिबंध लगा दिए।
विज्ञापन
सऊदी अरब में ताजा हमलों के बाद ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका सऊदी अरब की मदद करने को तैयार है। इस हमले के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति छह फीसदी घट गई और कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली।
ट्रम्प ने कहा, 'मैं इस समय किसी नए टकराव में नहीं पड़ना चाहता हूं, लेकिन कभी-कभी आपको ऐसा करना पड़ता है।' उन्होंने कहा कि ये बहुत बड़ा हमला था और इसे कई गुना बड़ा हमला कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, 'निश्चित रूप से ऐसा लगता है कि ये ईरान था।' यानी हमलों में ईरान का हाथ है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने भी हमलों के लिए सीधे तेहरान को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा, 'इस अप्रत्याशित हमले का जवाब देने और अंतरराष्ट्रीय नियम आधारित व्यवस्था की रक्षा करने के लिए, जिसकी ईरान द्वारा अवहेलना की जा रही है, अमेरिकी सेना अपने साझेदारों के साथ मिलकर विचार कर रही है।'