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Iran-US Tension: ईरान ने हूती विद्रोहियों की मदद से किया इनकार, अमेरिकी हवाई हमले के बाद ट्रंप ने भी दी धमकी
Sun, 16 Mar 2025 03:32 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 16 Mar 2025 03:32 PM IST
सार
अमेरिका की तरफ से हूतियों पर हमला और ट्रंप की तरफ से हूतियों के हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद ईरान ने साफ कहा है कि वो हूतियों की मदद नहीं कर रहा है। बता दें कि, हूती विद्रोही लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले कर रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
ईरान ने रविवार को फिर से इस बात से इनकार किया कि वह यमन के हूती विद्रोहियों को कोई मदद दे रहा है। यह बयान तब आया जब अमेरिका ने हूतियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान को हूतियों की हरकतों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
हमले में 31 लोगों की मौत
यमन के हूती-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हूती विद्रोहियों ने कहा कि एक हमला उत्तरी सादा प्रांत में दो घरों पर हुआ, जिसमें चार बच्चों और एक महिला की मौत हो गई।
यह भी पढ़ें - Trump Order: डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका का हूती विद्रोहियों पर हवाई हमला, 31 लोगों की मौत
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हूती क्यों कर रहे हैं हमले?
हूती विद्रोही लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले कर रहे हैं और इस्राइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर चुके हैं। उनका कहना है कि वे यह सब गाजा में फलस्तीनियों के समर्थन में कर रहे हैं, जहां इस्राइल और हमास के बीच युद्ध चल रहा है। जनवरी में गाजा में युद्धविराम के बाद हूतियों ने हमले रोक दिए थे, लेकिन इस महीने इस्राइल की तरफ से गाजा में मानवीय सहायता रोकने के बाद उन्होंने फिर से हमले शुरू करने की धमकी दी।
ईरान पर आरोप और इनकार
अमेरिका और अन्य देशों का आरोप है कि ईरान हूतियों को हथियार और मिसाइलें भेज रहा है। अमेरिकी नौसेना ने कई बार ईरानी हथियारों की खेप जब्त की है, जो कथित रूप से हूतियों के लिए भेजे गए थे। हालांकि, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि ईरान हूतियों के हमलों में कोई भूमिका नहीं निभा रहा। उन्होंने कहा कि ईरान अपने सहयोगी समूहों की सैन्य नीतियों या फैसलों को तय नहीं करता। इस मामले में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका को हमले रोकने चाहिए और वह ईरान की विदेश नीति तय नहीं कर सकता।
यह भी पढ़ें - Hamas: 'युद्धविराम लागू होने पर ही अमेरिकी-इस्राइली बंधक को रिहा करेंगे', हमास समझौता करने का बना रहा दबाव
डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर हूती विद्रोही लाल सागर में जहाजों पर हमले जारी रखते हैं, तो अमेरिका उनके खिलाफ भारी घातक बल का इस्तेमाल करेगा।
पहली बार ट्रंप प्रशासन ने किया हूतियों पर हमला
अमेरिका, इस्राइल और ब्रिटेन पहले भी हूतियों के ठिकानों पर हमले कर चुके हैं, लेकिन शनिवार को अमेरिका ने अकेले यह कार्रवाई की। यह दूसरा ट्रंप प्रशासन का हूतियों पर पहला हमला था। वहीं हूतियों की तरफ से जहाजों पर हमले की बात की जाए तो अक्तूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच हूती विद्रोहियों ने 100 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया। इन हमलों में दो जहाज डूब चुके हैं। चार नाविकों की मौत हो चुकी है। जबकि मिसाइल और ड्रोन हमले से कई जहाजों को नुकसान पहुंचा है।
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हमले में 31 लोगों की मौत
यमन के हूती-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हूती विद्रोहियों ने कहा कि एक हमला उत्तरी सादा प्रांत में दो घरों पर हुआ, जिसमें चार बच्चों और एक महिला की मौत हो गई।
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हूती क्यों कर रहे हैं हमले?
हूती विद्रोही लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले कर रहे हैं और इस्राइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर चुके हैं। उनका कहना है कि वे यह सब गाजा में फलस्तीनियों के समर्थन में कर रहे हैं, जहां इस्राइल और हमास के बीच युद्ध चल रहा है। जनवरी में गाजा में युद्धविराम के बाद हूतियों ने हमले रोक दिए थे, लेकिन इस महीने इस्राइल की तरफ से गाजा में मानवीय सहायता रोकने के बाद उन्होंने फिर से हमले शुरू करने की धमकी दी।
ईरान पर आरोप और इनकार
अमेरिका और अन्य देशों का आरोप है कि ईरान हूतियों को हथियार और मिसाइलें भेज रहा है। अमेरिकी नौसेना ने कई बार ईरानी हथियारों की खेप जब्त की है, जो कथित रूप से हूतियों के लिए भेजे गए थे। हालांकि, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि ईरान हूतियों के हमलों में कोई भूमिका नहीं निभा रहा। उन्होंने कहा कि ईरान अपने सहयोगी समूहों की सैन्य नीतियों या फैसलों को तय नहीं करता। इस मामले में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका को हमले रोकने चाहिए और वह ईरान की विदेश नीति तय नहीं कर सकता।
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डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर हूती विद्रोही लाल सागर में जहाजों पर हमले जारी रखते हैं, तो अमेरिका उनके खिलाफ भारी घातक बल का इस्तेमाल करेगा।
पहली बार ट्रंप प्रशासन ने किया हूतियों पर हमला
अमेरिका, इस्राइल और ब्रिटेन पहले भी हूतियों के ठिकानों पर हमले कर चुके हैं, लेकिन शनिवार को अमेरिका ने अकेले यह कार्रवाई की। यह दूसरा ट्रंप प्रशासन का हूतियों पर पहला हमला था। वहीं हूतियों की तरफ से जहाजों पर हमले की बात की जाए तो अक्तूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच हूती विद्रोहियों ने 100 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया। इन हमलों में दो जहाज डूब चुके हैं। चार नाविकों की मौत हो चुकी है। जबकि मिसाइल और ड्रोन हमले से कई जहाजों को नुकसान पहुंचा है।
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