Iran-US War: ईरान ने कैरोलिन लेविट को बच्चे के जन्म पर दी बधाई, साथ ही 'मिनाब' स्कूल हमले की दिलाई याद
ईरान ने व्हाइट हाउस प्रवक्ता कैरोलिन लेविट को बेटी के जन्म पर बधाई दी, लेकिन साथ ही मीनाब स्कूल हमले की याद दिलाकर उनकी आलोचना की। दूतावास ने कहा कि हमले में मारे गए 168 बच्चे भी मासूम थे। उन्होंने लेविट को उन पीड़ित मांओं का दर्द समझने की नसीहत दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
On May 1st, Viviana aka “Vivi” joined our family, and our hearts instantly exploded with love. 💕
She is perfect and healthy, and her big brother is joyfully adjusting to life with his new baby sister. We are enjoying every moment in our blissful newborn bubble.विज्ञापन
Thank you to… pic.twitter.com/wM1P1zEGsa — Karoline Leavitt (@karolineleavitt) May 7, 2026
आर्मेनिया में मौजूद ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बच्चे मासूम और प्यारे होते हैं। दूतावास ने कहा कि मीनाब के स्कूल में मारे गए 168 बच्चे भी आपके बच्चे की तरह ही मासूम थे। ईरान का आरोप है कि लेविट ने उस हमले को सही ठहराया था। दूतावास ने तीखे शब्दों में कहा कि जब आप अपने बच्चे को चूमती हैं, तो उन बच्चों की मांओं के बारे में भी जरूर सोचें।
मीनाब के उस स्कूल पर हुए हमले में 73 लड़के और 47 लड़कियों की मौत हुई थी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, हमले में कुल 168 लोग मारे गए थे, जिनमें 26 शिक्षक, 7 माता-पिता और एक बस ड्राइवर भी शामिल थे। यह हमला उस समय हुआ था जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी। इसके जवाब में ईरान ने भी इस्राइल और खाड़ी देशों पर हमले किए थे।
Congratulations to you. Children are innocent and lovable. Those 168 children that your boss killed in the school in Minab, and you justified, were also children. When you kiss your baby, think of the mothers of those children. https://t.co/uhypZFhRRf
— IRI Embassy in Armenia (@iraninyerevan) May 9, 2026
शुरुआत में कैरोलिन लेविट ने कहा था कि अमेरिका नागरिकों को निशाना नहीं बनाता और उन्होंने इस घटना के लिए ईरानी शासन को ही दोषी ठहराया था। हालांकि, अमेरिकी सैन्य जांच के शुरुआती नतीजों से पता चला कि निशाना चूकने की वजह से एक अमेरिकी 'टोमहॉक' क्रूज मिसाइल स्कूल से जा टकराई थी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले बिना किसी सबूत के दावा किया था कि इस हमले के लिए ईरान खुद जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान के पास टोमहॉक मिसाइलें हैं, जबकि ईरान के पास ऐसी मिसाइलें नहीं हैं। बाद में जब ट्रंप से अमेरिकी जांच रिपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
अन्य वीडियो-
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.