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हिंद-प्रशांत क्षेत्र की लड़ाई: चीन को मात देने के लिए ये तीन देश आ गए एक साथ, जी-7 सम्मेलन के दौरान बना बड़ा प्लान

Sun, 19 Sep 2021 06:16 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 19 Sep 2021 06:16 PM IST
सार

जी-7 सम्मेलन के दौरान अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया ने एक नया गठबंधन (एयूकेयूएस) बनाकर दुनिया के कई देशों को चौंका दिया। वहीं इस सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मौजूद थे और उनको इसकी भनक तक नहीं लगने दी गई। 

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Indo pacific dispute America aukus agreement discussed during g7 summit, Know how it wil impact china
बोरिस जॉनसन, जो बाइडन, स्कॉट मॉरिसन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन को शिकस्त देने के लिए ब्रिटेन के कार्नवल में हुए जी-7 सम्मेलन के दौरान ही एक बड़ी योजना बनाई गई। जिसके तहत अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया ने एक नया गठबंधन (एयूकेयूएस) बनाकर दुनिया के कई देशों को चौंका दिया। वहीं इस सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मौजूद थे और उनको इसकी भनक तक नहीं लगने दी गई। इस गठबंधन के बाद से चीन भड़का हुआ नजर आ रहा है और तीनों देशों पर साजिश रचने का भी आरोप लगा रहा है।

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वहीं इस गठबंधन के बाद तत्कालीन-ब्रिटेन के विदेश सचिव डॉमिनिक रैब जो कि अब नए न्याय सचिव हैं को चेतावनी दी गई थी कि इस तरह के सौदे से चीन और पेरिस के साथ संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, लेकिन फिर भी समझौते के विवरण पर G7 शिखर सम्मेलन में चर्चा की गई और सभी प्रासंगिक AUKUS दस्तावेज पर गुप्त रूप से चर्चा की गई। 'द टेलीग्राफ' की एक रिपोर्ट के अनुसार जी-7 सम्मेलन में नए गठबंधन पर चर्चा के दौरान ही फ्रांस के पनडुब्बी सौदे को रद्द करने का भी फैसला ले लिया गया था।
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चीन ने ऑस्ट्रेलिया पर साधा निशाना
वहीं AUKUS की त्रिपक्षीय सुरक्षा साझेदारी के के बाद चीन ने ऑस्ट्रेलिया पर निशाना साधा और कहा कि कैनबरा अब परमाणु हमले के लिए एक संभावित लक्ष्य है। अमेरिका और ब्रिटेन इसका जमकर फायदा उठाएंगे। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा संचालित एक समाचार पत्र का कहना है कि अमेरिका और ब्रिटेन के साथ परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों के निर्माण के लिए AUKUS संधि शुरू करने के बाद ऑस्ट्रेलिया अब परमाणु हमले के लिए एक संभावित लक्ष्य है।
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ऑस्ट्रेलिया ने फ्रांस के साथ तोड़ा अनुबंध
इतना ही नहीं इस सप्ताह की शुरुआत में, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूके ने एक नई त्रिपक्षीय AUKUS रक्षा साझेदारी की भी घोषणा की। इस नए रक्षात्मक समझौते ने ऑस्ट्रेलिया को 12 अत्याधुनिक पारंपरिक रूप से संचालित पनडुब्बियों को विकसित करने के लिए फ्रांस के साथ 66 बिलियन डॉलर के अनुबंध को छोड़ने के लिए भी मजबूर किया।

महीनों से चल रही थी गुप्त चर्चा
समाचार पत्र गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया के बीच महीनों से इस गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही थी लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को भनक भी नहीं लगने दी गई कि उनका पनडुब्बी सौदा रद्द किया जा रहा है।


जी-7 में सात बड़े देश शामिल
जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। 11-13 जून को आयोजित कॉर्नवाल में शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ के नेताओं और दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे कई अतिथि देशों ने भी भाग लिया। 

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