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Indian Students: 'हमें सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाएं', ईरान संकट के बीच भारतीय छात्रों की सरकार से गुहार

Mon, 02 Mar 2026 08:57 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Mon, 02 Mar 2026 08:57 PM IST
सार

ईरान के इस्फहान शहर में फंसे भारतीय छात्रों ने बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत सरकार से सुरक्षित निकासी की मांग की है। छात्रों का कहना है कि इलाके में डर और अनिश्चितता का माहौल है तथा संसाधनों की कमी और सुरक्षा चिंता बढ़ रही है। विश्वविद्यालय ने कुछ कक्षाएं ऑनलाइन करने की बात कही है।

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Indian students plead with indian government amid Iran crisis to bring us back to India safely
ईरान संकट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान के इस्फहान शहर में फंसे भारतीय छात्रों ने भारत सरकार से सुरक्षित निकासी की अपील की है। छात्रों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार तनाव और असुरक्षा के माहौल के कारण डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने मांग की है कि हालात सामान्य होने तक उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए या भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए।

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इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ रही भारतीय छात्रा फातिमा ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि इलाके में करीब 25 से 30 भारतीय छात्र मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार चिंता और अनिश्चितता के बीच रह रहे हैं। छात्रों ने सरकार से अनुरोध किया है कि उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। फातिमा ने बताया कि छात्र पहले लौटना चाहते थे, लेकिन पढ़ाई, परीक्षाओं और अस्पताल की ट्रेनिंग के कारण वहां रुकना पड़ा।
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पढ़ाई और ड्यूटी के कारण फंसे छात्र
छात्रा के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए अगला सेमेस्टर ऑनलाइन करने की जानकारी दी है, जिससे उन्हें घर लौटने का विकल्प मिल सकता है। हालांकि अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए अस्पताल में रोजाना ड्यूटी करना अनिवार्य बताया गया है। इसी वजह से कई छात्र अभी भी ईरान में फंसे हुए हैं और तुरंत वापस नहीं आ पा रहे हैं।


छात्रावास में रहने का दबाव और संसाधनों की कमी
छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें छात्रावास से बाहर न निकलने की सलाह दी है और दूसरे छात्रावास में शिफ्ट होने का दबाव भी बनाया जा रहा है। कई छात्र परिसर के बाहर किराए के मकानों में रह रहे हैं और सीमित संसाधनों के सहारे गुजर-बसर कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि कई दुकानों के बंद होने और ऑनलाइन सेवाएं ठप होने से जरूरी सामान जुटाना मुश्किल हो गया है।

विस्फोटों की आवाज और परिवारों की बढ़ी चिंता
फातिमा ने बताया कि हाल के दिनों में उनके इलाके के आसपास विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिससे छात्रों में डर और बढ़ गया है। इंटरनेट सेवाओं में बाधा के कारण परिवारों से संपर्क करना भी मुश्किल हो गया है। भारत में मौजूद परिजन लगातार चिंता में हैं। छात्रों ने भारत सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थिति सामान्य होने तक मदद पहुंचाने की अपील की है।

अन्य वीडियो-

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