US: भारतीय मूल के शख्स को आजीवन कारावास, जानबूझकर कार को अपने वाहन से मारी थी टक्कर; तीन किशोरों की हुई थी मौत
US: भारतीय मूल के एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उसने जानबूझकर अपनी कार से एक वाहन को टक्कर मार दी थी, जिसमें तीन सोलह वर्षीय किशोरों की मौत हो गई थी।
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भारतीय मूल के एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उसने जानबूझकर अपनी कार से एक वाहन को टक्कर मार दी थी, जिसमें तीन सोलह वर्षीय किशोरों की मौत हो गई थी जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। व्यक्ति उनके साथ डोरबेल प्रैंक खेल रहा था। घटना 2020 में हुई थी। अदालत ने उसे इस मामले में दोषी ठहराया था।
कैलिफोर्निया के रहने वाले अनुराग चंद्रा (45 वर्षीय) को अप्रैल में हत्या के तीन मामलों, हत्या के प्रयास के तीन मामलों और कई हत्याओं के विशेष मामलों में दोषी ठहराया गया था। जिला अटॉर्नी कार्यालय की ओर से 14 जुलाई को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि रिवरसाइड काउंटी में जूरी को अनुराग को दोषी ठहराने के फैसले को सुनाने में केवल तीन घंटे का समय लगा।
जांच में पता चला था कि चंद्रा ने जानबूझकर अपनी कार को युवाओं को ले जा रहे वाहन से टकरा दिया था। यह दुर्घटना 19 जनवरी, 2020 की रात को टेमेस्कल कैन्यन रोड पर हुई थी। छह किशोर टोयोटा प्रियस कार में सवार थे। चंद्रा ने इस पर अपना वाहन टकरा दिया था, जिसके परिणामस्वरूप कार सड़क किनारे एक पड़े से टकरा गई थी।
इस दुर्घटना के बाद अनुराग चंद्रा मौके से फरार हो गया और घटना के बारे में किसी को सूचना दिए बिना अपने घर लौट आया। इस दुर्घटना में डैनियल हॉकिन्स, जैकब इवास्कू और ड्रेक रुइज मारे गए थे। सभी सोलह वर्षीय थे। जबकि टोयोटा प्रियस कार को एक 18 वर्षीय व्यक्ति चला रहा था। चालक और 13 और 14 वर्षीय दो लड़के घायल हो गए थे।