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US: 'वह सपने पूरे करने आया था...', भारतीय छात्र को अमेरिका से निर्वासित किए जाने पर फूटा भारतवंशी का गुस्सा

Tue, 10 Jun 2025 01:48 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 10 Jun 2025 01:48 PM IST
सार

भारतवंशी एंटरप्रेन्योर ने बताया कि 'छात्र हिंदी और हरियाणवी में बात कर रहा था, लेकिन पुलिसकर्मी उसकी बात नहीं समझ पा रहे थे। मैंने पुलिसकर्मियों के पास जाकर कहा कि अगर वे चाहते हैं तो मैं बता सकता हूं कि वह क्या कह रहा है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मुझे इसकी इजाजत नहीं दी।

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Indian origin enterprenure reaction on student deportation by us ime donald trump
एयरपोर्ट पर हिरासत में भारतीय छात्र - फोटो : एक्स/kunal jain

विस्तार

अमेरिका से अमानवीय तरीके से निर्वासित किए गए एक भारतीय छात्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब साझा हो रही हैं। जिनमें भारतीय छात्र को हथकड़ियों में जकड़ा गया और अमेरिकी अप्रवासन विभाग के अधिकारियों द्वारा उसे जमीन पर गिराया हुआ है। एक भारतवंशी कुणाल जैन ने भारतीय छात्र के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की आलोचना की है और कहा कि यह मानवीय आपदा है। 
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भारतवंशी ने लिखा- ये देखना दिल तोड़ने वाला था
कुणाल जैन ने सोशल मीडिया पर भारतीय छात्र को निर्वासित किए जाने का वीडियो साझा किया है। जिसमें नेवार्क हवाई अड्डे पर भारतीय छात्र को अप्रवासन विभाग के अधिकारियों द्वारा बंधक बनाया हुआ है। जैन ने लिखा कि 'मैं नेवार्क हवाई अड्डे पर एक युवा भारतीय छात्र को निर्वासित किए जाने का साक्षी बना। उसके हाथ बांधे गए थे और वह रो रहा था। उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। वह यहां अपने सपने पूरे करने आया था और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहा था। बतौर एक नॉन रेजीडेंट भारतीय होने के नाते मुझे बहुत दुख हुआ क्योंकि मैं कुछ नहीं कर पाया। यह देखना दिल तोड़ने वाला है और एक मानवीय आपदा है।'
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'मुझे रोना आ रहा था'
एक भारतीय मीडिया चैनल के साथ बातचीत में कुणाल जैन ने बताया कि 'सबसे खराब बात ये थी कि पुलिसकर्मियों ने छात्र के हाथ और पैर बांधे हुए थे और उसे जमीन पर गिराया हुआ था। उस वक्त मुझे रोना आ रहा था। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर ऐसा क्यों किया।' भारतवंशी एंटरप्रेन्योर ने बताया कि 'छात्र हिंदी और हरियाणवी में बात कर रहा था, लेकिन पुलिसकर्मी उसकी बात नहीं समझ पा रहे थे। मैंने पुलिसकर्मियों के पास जाकर कहा कि अगर वे चाहते हैं तो मैं बता सकता हूं कि वह क्या कह रहा है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मुझे इसकी इजाजत नहीं दी और उसकी जगह उन्होंने और पुलिसकर्मियों को बुला लिया।' 

भारतवंशी ने बताया कैसे अमेरिका में अवैध हो जाते हैं भारतीय छात्र
कुणाल ने कहा कि 'उनके बीच कम्युनिकेशन की समस्या था और ऐसा नहीं है कि छात्र अंग्रेजी नहीं समझ पा रहा होगा, लेकिन उस वक्त वह इतना भ्रमित और परेशान था कि हिंदी में बोल रहा था। यही वजह रही कि उसका वीजा खारिज कर दिया गया। अधिकतर मामलों में लोगों की अस्मिता का सम्मान किया जाता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया।' उन्होंने कहा कि 'यह हमारी सामूहिक असफलता है। यह मुझे सोचने पर मजबूर कर रहा है कि भारतीय छात्र अमेरिका बड़े सपने लेकर आते हैं और भारत के मुकाबले यहां तीन गुना ज्यादा फीस चुकाते हैं। वे यहां उम्मीद, महत्वकांक्षाएं और अपने परिवार का विश्वास लेकर आते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद भी नौकरी नहीं हासिल कर पाते हैं। उनके वीजा एक्सपायर हो जाते हैं और वे कानूनी पचड़ों में फंस जाते हैं, लेकिन क्या उनके साथ ऐसा होना चाहिए?'

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