India-Vietnam: कैम रैन बे पहुंचा आईएनएस किल्टन, भारत-वियतनाम के बीच संबंध मजबूत करेगी यात्रा
भारतीय नौसेना ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, आईएनएस किल्टन के वियतनाम पहुंचने पर वियतनाम पीपुल्स नेवी और भारतीय दूतावास द्वारा जहाज का स्वागत किया गया। यह यात्रा दोनों समुद्री देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता और सहयोग को और मजबूत करेगी।
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भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस किल्टन रविवार को वियतनाम के कैम रैन बे में पहुंचा, जहां वियतनाम पीपुल्स नेवी और भारतीय दूतावास ने जहाज का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान भारतीय नौसेना ने कहा कि आईएनएस किल्टन की यह यात्रा भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की परिचालन तैनाती का हिस्सा है। यह भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और सहयोग को और मजबूत करेगा।
आईएनएस किल्टन के कैम रैन बे पर पहुंचने के बाद भारतीय नौसेना ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, आईएनएस किल्टन के वियतनाम पहुंचने पर वियतनाम पीपुल्स नेवी और भारतीय दूतावास द्वारा जहाज का स्वागत किया गया। यह यात्रा दोनों समुद्री देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता और सहयोग को और मजबूत करेगी।
दोनों नौसेनाओं के साझा मूल्यों को दर्शाती है आईएनएस किल्टन की यात्रा
दोनों देश एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। भारतीय नौसेना के जहाज किल्टन की यात्रा पेशेवर बातचीत, खेल, सामाजिक आदान-प्रदान और सामुदायिक आउटरीच सहित गतिविधियों पर केंद्रित है, जो दोनों नौसेनाओं के साझा मूल्यों को दर्शाती है। इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना और वियतनामी पीपुल्स नेवी के बीच समुद्र के बीच समुद्री साझेदारी का अभ्यास किया जाएगा। अभ्यास पूरा होने के साथ ही यह यात्रा समाप्त होगी। समुद्री साझेदारी का अभ्यास दोनों नौसेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को और बढ़ाएगा।
आईएनएस किल्टन चार P28 में से तीसरा
बता दें कि आईएनएस किल्टन एक स्वदेशी एएसडब्ल्यू कार्वेट है, जिसे भारतीय नौसेना के नौसेना डिजाइन निदेशालय द्वारा डिजाइन किया गया था। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा निर्मित किया गया था। आईएनएस किल्टन चार P28 एंटी-सबमरीन वारफेयर (एएसडब्ल्यू) कार्वेट में से तीसरा है।