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Seychelles: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की सेशेल्स यात्रा के क्या है मायने? भारतीय उच्चायुक्त ने बताई पूरी रणनीति
Sun, 26 Oct 2025 02:58 AM IST
लव गौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, विक्टोरिया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, विक्टोरिया
Published by: लव गौर
Updated Sun, 26 Oct 2025 02:58 AM IST
सार
India-Seychelles Relations: भारत और सेशेल्स अपने ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की आगामी यात्रा द्विपक्षीय सहयोग में एक नया अध्याय जोड़ेगी। भारत और सेशेल्स समुद्री सुरक्षा, रक्षा, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूर करेगी।
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सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित रथीश
- फोटो : ANI
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विस्तार
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 26-27 अक्तूबर दो दिवसीय सेशेल्स दौरे पर रहेंगे। जहां सीपी राधाकृष्णनराष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। सेशेल्स में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की यात्रा से द्विपक्षीय साझेदारी को नई मजबूती, सांस्कृतिक संबंधों को जोर मिलेगा। उनकी इस यात्रा को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने, लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक व ऐतिहासिक रिश्तों को पुनः पुष्टि करने का अवसर माना जा रहा है।
दोनों देशों के सहयोग में नई तेजी की उम्मीद
भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की सेशेल्स यात्रा से दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। भारत के सेशेल्स में उच्चायुक्त रोहित रथीश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘महासागर’ पहल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की व्यापक रणनीतिक दृष्टि को दर्शाती है, और सेशेल्स इस दृष्टि का एक अहम भागीदार है।
भारतीय उच्चायुक्त रोहित रथीश ने इस बात पर जोर दिया कि भारत समुद्री संरक्षण और पर्यटन में सेशेल्स के साथ साझेदारी करने और देश के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर है। यह द्वीपीय राष्ट्र भारत की 'महासागर' पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा में सुधार करना है।
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भारतीय उच्चायुक्त रतीश का बयान
भारतीय उच्चायुक्त रतीश ने एएनआई को बताया, "प्रधानमंत्री मोदी का महासागर का विजन पूरे हिंद महासागर को समेटे हुए है। हिंद महासागर भारत की खुशहाली और समृद्धि की कुंजी है। हमारा 90% व्यापार और कारोबार हिंद महासागर से होकर गुजरता है। सेशेल्स हिंद महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है, लेकिन इसका लगभग 14 लाख वर्ग किलोमीटर का विशाल अनन्य आर्थिक क्षेत्र है। हम ना केवल समुद्री सुरक्षा और रक्षा संबंधों को मजबूत करने में, बल्कि पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी साझेदार रहे हैं और भविष्य में भी साझेदार बने रहेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "एक द्वीपीय देश होने के नाते, सेशेल्स समुद्री संरक्षण और विज्ञान पर बहुत ध्यान केंद्रित करता है। यह पर्यटन के साथ-साथ सेशेल्स की अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारा प्रयास इन क्षेत्रों में भी साझेदारी करने का होगा।" दोनों देशों के बीच निरंतर सहयोग पर प्रकाश डालते हुए उच्चायुक्त ने कहा कि उपराष्ट्रपति की यात्रा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने का अवसर भी प्रदान करेगी, साथ ही नई परियोजनाओं की घोषणा की संभावना भी होगी।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति
बता दें कि सेशेल्स सरकार के निमंत्रण पर भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, भारत सरकार की ओर से सेशेल्स गणराज्य के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए 26-27 अक्टूबर तक सेशेल्स गणराज्य का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को भारत की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देंगे और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ, दीर्घकालिक और समय-परीक्षित संबंधों की पुष्टि करेंगे।
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दोनों देशों के सहयोग में नई तेजी की उम्मीद
भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की सेशेल्स यात्रा से दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। भारत के सेशेल्स में उच्चायुक्त रोहित रथीश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘महासागर’ पहल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की व्यापक रणनीतिक दृष्टि को दर्शाती है, और सेशेल्स इस दृष्टि का एक अहम भागीदार है।
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भारतीय उच्चायुक्त रोहित रथीश ने इस बात पर जोर दिया कि भारत समुद्री संरक्षण और पर्यटन में सेशेल्स के साथ साझेदारी करने और देश के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर है। यह द्वीपीय राष्ट्र भारत की 'महासागर' पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा में सुधार करना है।
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भारतीय उच्चायुक्त रतीश का बयान
भारतीय उच्चायुक्त रतीश ने एएनआई को बताया, "प्रधानमंत्री मोदी का महासागर का विजन पूरे हिंद महासागर को समेटे हुए है। हिंद महासागर भारत की खुशहाली और समृद्धि की कुंजी है। हमारा 90% व्यापार और कारोबार हिंद महासागर से होकर गुजरता है। सेशेल्स हिंद महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है, लेकिन इसका लगभग 14 लाख वर्ग किलोमीटर का विशाल अनन्य आर्थिक क्षेत्र है। हम ना केवल समुद्री सुरक्षा और रक्षा संबंधों को मजबूत करने में, बल्कि पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी साझेदार रहे हैं और भविष्य में भी साझेदार बने रहेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "एक द्वीपीय देश होने के नाते, सेशेल्स समुद्री संरक्षण और विज्ञान पर बहुत ध्यान केंद्रित करता है। यह पर्यटन के साथ-साथ सेशेल्स की अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारा प्रयास इन क्षेत्रों में भी साझेदारी करने का होगा।" दोनों देशों के बीच निरंतर सहयोग पर प्रकाश डालते हुए उच्चायुक्त ने कहा कि उपराष्ट्रपति की यात्रा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने का अवसर भी प्रदान करेगी, साथ ही नई परियोजनाओं की घोषणा की संभावना भी होगी।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति
बता दें कि सेशेल्स सरकार के निमंत्रण पर भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, भारत सरकार की ओर से सेशेल्स गणराज्य के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए 26-27 अक्टूबर तक सेशेल्स गणराज्य का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को भारत की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देंगे और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ, दीर्घकालिक और समय-परीक्षित संबंधों की पुष्टि करेंगे।