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136 साल में पहली बार : हॉर्वर्ड लॉ रिव्यू की अध्यक्ष चुनी गईं भारतीय मूल की अप्सरा, जानें इनके बारे में सबकुछ
Tue, 07 Feb 2023 08:54 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 07 Feb 2023 08:54 AM IST
सार
हार्वर्ड लॉ स्कूल के अंतर्गत संचालित होने वाली लॉ रिव्यू एक ऐसी संस्था है, जो विधिक क्षेत्र में प्रकाशित होने वाले जनरल के लेखों की समीक्षा और चयन का काम करती है। इसकी स्थापना साल 1887 में हुई थी। 'द हार्वर्ड क्रिमसन' ने अपने एक रिपोर्ट में कहा है कि अप्सरा अय्यर को हार्वर्ड लॉ रिव्यू का 137वां अध्यक्ष चुना गया।
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अप्सरा अय्यर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
देश के लिए गर्व की बात है। हार्वर्ड लॉ स्कूल में सेकेंड ईयर की भारतीय-अमेरिकी छात्रा अप्सरा अय्यर को प्रतिष्ठित हार्वर्ड लॉ रिव्यू का अध्यक्ष चुना गया है। लॉ रिव्यू के 136 साल के इतिहास में ये पहली बार है जब किसी भारतीय मूल की महिला ने ये पद संभाला है। हार्वर्ड लॉ स्कूल के अंतर्गत संचालित होने वाली लॉ रिव्यू एक ऐसी संस्था है, जो विधिक क्षेत्र में प्रकाशित होने वाले जनरल के लेखों की समीक्षा और चयन का काम करती है। इसकी स्थापना साल 1887 में हुई थी। 'द हार्वर्ड क्रिमसन' ने अपने एक रिपोर्ट में कहा है कि अप्सरा अय्यर को हार्वर्ड लॉ रिव्यू का 137वां अध्यक्ष चुना गया।
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अय्यर ने जताई खुशी, बोलीं- गुणवत्ता पर फोकस रहेगा
हार्वर्ड लॉ रिव्यू का अध्यक्ष चुने जाने पर अप्सरा अय्यर ने खुशी जताई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि लॉ रिव्यू अध्यक्ष के रूप में, उनका उद्देश्य 'लेखों की समीक्षा एवं चयन की प्रक्रिया में और अधिक संपादकों को शामिल करना और 'उच्च गुणवत्ता वाले काम के लिए प्रकाशन की प्रतिष्ठा को बनाए रखना है।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि अभी मैं केवल यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं कि हम उजाला चालू रखें और सब कुछ पहले की तरह चालू रहे।' अप्सरा अय्यर से पहले इस पद पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति रूथ बेडर जिन्सबर्ग और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी रह चुके हैं।
हार्वर्ड लॉ रिव्यू का अध्यक्ष चुने जाने पर अप्सरा अय्यर ने खुशी जताई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि लॉ रिव्यू अध्यक्ष के रूप में, उनका उद्देश्य 'लेखों की समीक्षा एवं चयन की प्रक्रिया में और अधिक संपादकों को शामिल करना और 'उच्च गुणवत्ता वाले काम के लिए प्रकाशन की प्रतिष्ठा को बनाए रखना है।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि अभी मैं केवल यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं कि हम उजाला चालू रखें और सब कुछ पहले की तरह चालू रहे।' अप्सरा अय्यर से पहले इस पद पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति रूथ बेडर जिन्सबर्ग और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी रह चुके हैं।
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अब अय्यर के बारे में भी जान लीजिए
क्रिमसन रिपोर्ट के अनुसार, अप्सरा अय्यर ने 2016 में येल से स्नातक की डिग्री हासिल की है। अर्थशास्त्र, गणित और स्पेनिश में अय्यर की स्नातक डिग्री है। अप्सरा अय्यर के तत्काल पूर्ववर्ती प्रिसिला कोरोनाडो ने कहा कि अप्सरा अय्यर को शीर्ष पर रखने को लेकर प्रकाशन बेहद भाग्यशाली है।
क्रिमसन की रिपोर्ट के अनुसार, 'सांस्कृतिक विरासत के मूल्य' को समझने में अप्सरा अय्यर की रुचि ने उन्हें मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी की पुरावशेष तस्करी इकाई में काम करने के लिए प्रेरित किया, जो चोरी की गई कला और कलाकृतियों को ट्रैक करती है।
अय्यर ने लॉ स्कूल में आने से पहले 2018 में लॉ कार्यालय में काम किया था और इस भूमिका में आने से पहले लॉ प्रथम वर्ष के बाद छुट्टी ले ली थी। रिपोर्ट के अनुसार, अय्यर 'राइट-ऑन' नामक एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बाद हार्वर्ड लॉ रिव्यू में शामिल हुईं, जहां हार्वर्ड लॉ स्कूल के छात्र सख्ती से दस्तावेजों की जांच करते हैं। अप्सरा अय्यर पहले लॉ स्कूल के हार्वर्ड ह्यूमन राइट्स जर्नल और नेशनल सिक्योरिटी जर्नल में शामिल रही हैं। साउथ एशियन लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की सदस्य भी हैं।
क्रिमसन रिपोर्ट के अनुसार, अप्सरा अय्यर ने 2016 में येल से स्नातक की डिग्री हासिल की है। अर्थशास्त्र, गणित और स्पेनिश में अय्यर की स्नातक डिग्री है। अप्सरा अय्यर के तत्काल पूर्ववर्ती प्रिसिला कोरोनाडो ने कहा कि अप्सरा अय्यर को शीर्ष पर रखने को लेकर प्रकाशन बेहद भाग्यशाली है।
क्रिमसन की रिपोर्ट के अनुसार, 'सांस्कृतिक विरासत के मूल्य' को समझने में अप्सरा अय्यर की रुचि ने उन्हें मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी की पुरावशेष तस्करी इकाई में काम करने के लिए प्रेरित किया, जो चोरी की गई कला और कलाकृतियों को ट्रैक करती है।
अय्यर ने लॉ स्कूल में आने से पहले 2018 में लॉ कार्यालय में काम किया था और इस भूमिका में आने से पहले लॉ प्रथम वर्ष के बाद छुट्टी ले ली थी। रिपोर्ट के अनुसार, अय्यर 'राइट-ऑन' नामक एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बाद हार्वर्ड लॉ रिव्यू में शामिल हुईं, जहां हार्वर्ड लॉ स्कूल के छात्र सख्ती से दस्तावेजों की जांच करते हैं। अप्सरा अय्यर पहले लॉ स्कूल के हार्वर्ड ह्यूमन राइट्स जर्नल और नेशनल सिक्योरिटी जर्नल में शामिल रही हैं। साउथ एशियन लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की सदस्य भी हैं।