UN Statistical Commission: संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग के लिए चुना गया भारत, विदेश मंत्री जयशंकर ने दी बधाई
जयशंकर ने कहा कि भारत 1 जनवरी 2024 से शुरू होने वाले संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च सांख्यिकीय निकाय के लिए चुना गया। भारत की टीम को एक प्रतिस्पर्धी चुनाव में इतनी मजबूती से जीतने के लिए बधाई देता हूं।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बड़ी सफलता मिली है। भारत कड़े मुकाबले में चार साल की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग के लिए चुना गया है। भारत ने चीन समेत अन्य देशों को पीछे छोड़ते हुए ये सफलता हासिल की।
भारत की जीत बड़ी है और उसे 53 में से 46 वोट मिले हैं। एशिया प्रशांत क्षेत्र से दूसरे सदस्य के रूप में दक्षिण कोरिया को चुना गया। भारत का चुनाव गुप्त मतदान से हुआ, जबकि अर्जेंटिना, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया, यूक्रेन, यूनाइडेट रिपब्लिक ऑफ तंजानिया और अमेरिका निर्विरोध चुने गए। चार साल का कार्यकाल अगले साल 1 जनवरी से शुरू होगा।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर कड़े मुकाबले में इस बड़ी जीत के लिए भारतीय टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत की ‘सांख्यिकी, विविधता और जनसांख्यिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता से उसे संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग एक सीट पाने में मदद की है। एशिया प्रशांत क्षेत्र से अभी जापान और समोआ के साथ कुवैत और दक्षिण कोरिया सदस्य हैं। जापान और समोआ का कार्यकाल अगले साल और कुवैत और दक्षिण कोरिया का कार्यकाल इसी साल खत्म हो रहा है।
एचआईवी/एड्स पर यूएन कार्यक्रम का सदस्य चुना गया भारत
वहीं, भारत को संयुक्त राष्ट्र के नारकोटिक ड्रग्स पर आयोग और एचआईवी/एड्स (UNAIDS) पर यूएन कार्यक्रम के समन्वय बोर्ड का सदस्य चुना गया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने यह जानकारी दी। नारकोटिक ड्रग्स पर आयोग अंतरराष्ट्रीय दवा नियंत्रण संधियों के आवेदन की निगरानी करता है, जबकि UNAIDS का कार्यक्रम समन्वय बोर्ड एचआईवी/एड्स के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का समर्थन करता है।
भारत ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, 'आधिकारिक सांख्यिकी के क्षेत्र में भारत का अनुभव विशेष रूप से इसकी विविधता और जनसांख्यिकी के संबंध में बहुत अधिक है और यह सांख्यिकीय आयोग के कामकाज के लिए एक मूल्यवान अतिरिक्त होगा।'
भारत को अर्जेंटीना, बुरुंडी, चिली, चीन, डोमिनिकन गणराज्य, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, केन्या, मैक्सिको, मोरक्को, नाइजीरिया, पेरू, कतर, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड के साथ नारकोटिक ड्रग्स पर आयोग के लिए चुना गया था। संयुक्त गणराज्य तंजानिया, उरुग्वे और जिम्बाब्वे को 1 जनवरी, 2024 से शुरू होने वाले चार साल के कार्यकाल के लिए।
समुद्री जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के पांचवे अंतर सरकारी सम्मेलन ने समाप्त की वार्ता
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि समुद्री जैव विविधता के सतत उपयोग पर संयुक्त राष्ट्र के पांचवें अंतर-सरकारी सम्मेलन ने अपनी वार्ता समाप्त कर ली है। उन्होंने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि समझौते का प्राथमिक उद्देश्य समुद्र में होने वाली समुद्री जैव विविधता का संरक्षण और सतत उपयोग है। इसमें राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से परे उच्च समुद्रों और अन्य क्षेत्रों के संरक्षण और टिकाऊ उपयोग को बढ़ाने के लिए कानूनी प्रावधान हैं।
उन्होंने कहा कि समझौते का उद्देश्य राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र से परे क्षेत्रों में समुद्री जैव विविधता के संरक्षण और टिकाऊ उपयोग के लिए कानूनी ढांचे में अंतराल को दूर करना है। चीन द्वारा समुद्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने को लेकर कई देशों की चिंताएं बढ़ रही हैं। जयशंकर ने कहा कि मसौदा समझौते को अभी स्वीकार नहीं किया गया है। जयशंकर ने कहा कि जून में अंतर सरकारी सम्मेलन में समझौते को औपचारिक रूप से स्वीकार करने पर विचार किया जाएगा और यह अनुमोदन का 60वां दस्तावेज प्राप्त होने के 120 दिन बाद लागू होगा। जयशंकर ने कहा, अंतिम मसौदे में सभी पक्षों द्वारा किया गया समझौता था, जिसमें प्रमुख खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त चेतावनी थी।