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UN: भारत ने आतंकियों को पनाह देने वालों पर निशाना साधा, रूस के ‘डर्टी बम’ के दावे का नहीं मिला सबूत
Thu, 03 Nov 2022 10:45 PM IST
शक्तिराज सिंह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 03 Nov 2022 10:45 PM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने कहा कि उसके निरीक्षकों को रूस के इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला कि यूक्रेन मॉस्को पर दोष मढ़ने के इरादे से एक रेडियोधर्मी ‘डर्टी बम’ बना रहा और विस्फोट करने वाला है।
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विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान और चीन का नाम लिए बिना भारत ने गुरुवार को आतंकियों को पनाह देने वालों पर निशाना साधा। भारत ने कहा कि उन लोगों को बुलाएं, जो आतंकियों को सुरक्षित आश्रय मुहैया कराते हैं। उन्हें बुलाएं, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रतिबंधों सहित उनके बचाव में आते हैं। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने घाना की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की खुली बहस में भाग लेते हुए यह बात कही। बैठक का विषय 'शांति स्थापना और स्थायी शांति’ था।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद से उत्पन्न खतरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट आवाज की जरूरत है। हमें मेजबान राज्य के सुरक्षा बलों की क्षमताओं को मजबूत करना चाहिए, वित्तीय संसाधनों तक आतंकवादी ताकतों की पहुंच रोकने के लिए हाथ मिलाना चाहिए और सामूहिक रूप से उन लोगों को बुलाना चाहिए जो आतंकवादियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करते हैं। पिछले पांच महीनों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य चीन ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को नामित करने के भारत और अमेरिका के कई प्रस्तावों में बाधा डाली है।
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने कही यह बात
इस बीच संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने कहा कि उसके निरीक्षकों को रूस के इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला कि यूक्रेन मॉस्को पर दोष मढ़ने के इरादे से एक रेडियोधर्मी ‘डर्टी बम’ बना रहा और विस्फोट करने वाला है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा कि यूक्रेन सरकार के अनुरोध पर निरीक्षणों में अघोषित परमाणु गतिविधियों और सामग्रियों का कोई संकेत नहीं मिला। एजेंसी ने कहा कि उसके विशेषज्ञों ने यूक्रेन में तीन स्थानों पर निरीक्षण किया और उन्हें उन जगहों तक निर्बाध पहुंच प्रदान की गई।
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्यों को लिखे एक पत्र में दावा किया था कि यूक्रेन की परमाणु अनुसंधान सुविधा और खनन कंपनी को इस तरह के डर्टी बम को विकसित करने के लिए राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से आदेश प्राप्त हुए थे। यूक्रेन ने इन आरोपों का खंडन किया था।
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उन्होंने कहा कि आतंकवाद से उत्पन्न खतरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट आवाज की जरूरत है। हमें मेजबान राज्य के सुरक्षा बलों की क्षमताओं को मजबूत करना चाहिए, वित्तीय संसाधनों तक आतंकवादी ताकतों की पहुंच रोकने के लिए हाथ मिलाना चाहिए और सामूहिक रूप से उन लोगों को बुलाना चाहिए जो आतंकवादियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करते हैं। पिछले पांच महीनों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य चीन ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को नामित करने के भारत और अमेरिका के कई प्रस्तावों में बाधा डाली है।
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#WATCH | Foreign Secy Vinay Kwatra, at UNSC, says, "...we must collectively call-out those who provide safe havens to terrorists as also those who stand with them and come to their defence including in the UNSC sanctions regime..."
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(Video Source:Permanent Mission of India to UN) pic.twitter.com/VfcXOo7yi1— ANI (@ANI) November 3, 2022
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने कही यह बात
इस बीच संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने कहा कि उसके निरीक्षकों को रूस के इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला कि यूक्रेन मॉस्को पर दोष मढ़ने के इरादे से एक रेडियोधर्मी ‘डर्टी बम’ बना रहा और विस्फोट करने वाला है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा कि यूक्रेन सरकार के अनुरोध पर निरीक्षणों में अघोषित परमाणु गतिविधियों और सामग्रियों का कोई संकेत नहीं मिला। एजेंसी ने कहा कि उसके विशेषज्ञों ने यूक्रेन में तीन स्थानों पर निरीक्षण किया और उन्हें उन जगहों तक निर्बाध पहुंच प्रदान की गई।
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्यों को लिखे एक पत्र में दावा किया था कि यूक्रेन की परमाणु अनुसंधान सुविधा और खनन कंपनी को इस तरह के डर्टी बम को विकसित करने के लिए राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से आदेश प्राप्त हुए थे। यूक्रेन ने इन आरोपों का खंडन किया था।