फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India rebukes Pakistani Ambassador statement on Jammu and Kashmir in China, told - lie and semi-truth

भारत ने चीन में पाकिस्तानी राजदूत के जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए बयान पर लगाई फटकार

Thu, 13 Aug 2020 08:27 PM IST
Rajeev Rai पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग Published by: Rajeev Rai Updated Thu, 13 Aug 2020 08:27 PM IST
विज्ञापन
India rebukes Pakistani Ambassador statement on Jammu and Kashmir in China, told - lie and semi-truth
भारत पाकिस्तान - फोटो : सोशल

भारत ने जम्मू कश्मीर पर चीन में स्थित पाकिस्तान के राजदूत मोइन-उल-हक के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने बयान को ‘झूठ एवं अर्धसत्य’ कहते हुए बृहस्पतिवार को हक को आड़े हाथ लिया। भारत की तरफ से कहा गया कि इस्लामाबाद द्वारा भर्ती, प्रशिक्षित और हथियारबद्ध किए गए आतंकवादियों ने केंद्र शासित प्रदेश में शांति और व्यवस्था भंग की है जो भारत का एक अभिन्न अंग है।

विज्ञापन


बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि जम्मू कश्मीर में शांति, स्थिरता और प्रगति लाने का भारत का समन्वित प्रयास पाकिस्तान की उस रणनीति के बिलकुल विपरीत है जो क्षेत्र को कमजोर करने के उद्देश्य से सीमा पार आतंकवाद के अभियान से थोड़ा अधिक है।’
विज्ञापन


दूतावास ने ये टिप्पणी गत सात अगस्त को चीन के सरकारी ‘ग्लोबल टाइम्स’ में प्रकाशित ‘अर्जेंट ऐक्शंस ऑन जम्मू, कश्मीर नीडेड’ शीर्षक वाले एक लेख के जवाब में की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूतावास ने एक बयान में कहा कि राजदूत हक ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के विषय में पाकिस्तान के झूठ एवं अर्धसत्य दोहराने का चयन किया जो भारत का एक अभिन्न अंग है और जिसके मामले भारत के आंतरिक मामले हैं और वहां पाकिस्तान या किसी अन्य देश को हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं है।

बयान में कहा गया है कि राजदूत हक की गलत बयानी से हैरानी नहीं हुई है लेकिन इससे भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त किये जाने के बाद जम्मू कश्मीर ने एक वर्ष में जो महत्वपूर्ण प्रगति की है, उसे छुपाया नहीं जा सकता।

बयान में साथ ही पिछले एक साल में सरकार द्वारा शुरू की गई विकास संबंधी गतिविधियों का विवरण दिया गया है। इसमें कहा गया है कि हक को भारत सरकार के कदमों को लेकर बेतुकी टिप्पणी करने से पहले अपने ‘‘शासन’’ को देखना चाहिए और क्षेत्र में पाकिस्तान के कृत्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए।

बयान में कहा गया है, ‘पाकिस्तान द्वारा भर्ती और प्रशिक्षित किए गए हथियारों से लैस आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर में शांति और व्यवस्था को भंग किया है। अगस्त 2019 के बाद से आतंकवादी हिंसा की 450 से अधिक घटनाओं को अंजाम दिया गया है, जिसमें कई असैनिक हताहत हुए है और वह वास्तव में पाकिस्तान है जिसने जम्मू कश्मीर और लद्दाख के अवैध रूप से एवं जबरन कब्जाये गए क्षेत्रों में प्रशासनिक और जनसांख्यिकीय परिवर्तन किये हैं।’

बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान द्वारा बिना उकसावे के संघर्ष विराम उल्लंघन किये गए हैं और अकेले 2020 के पहले सात महीनों में 3,000 के करीब ऐसे संघर्षविराम उल्लंघन नियंत्रण रेखा (एलओसी) से आतंकवादियों की घुसपैठ में मदद करने के लिए थे।


दूतावास ने कहा कि ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया चलाने से इनकार कर दिया। दूतावास ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया, ‘ग्लोबल टाइम्स ने इस साक्षात्कार पर भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया चलाने से इनकार कर दिया।’ दूतावास ने अपने ट्वीट के साथ अपनी वह विस्तृत प्रतिक्रिया भी अटैच की जिसे चीन के सरकारी ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने प्रकाशित करने से इनकार कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed