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एस-400 पर पेंटागन: भारत ऐसी कोई तकनीक न खरीदे जिससे हमारे विमानों को खतरा हो
Thu, 18 Jul 2019 11:13 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 18 Jul 2019 11:13 AM IST
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एस-400 मिसाइल (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भारत-रूस के बीच एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील पर कहा कि भारत ऐसी कोई तकनीक न खरीदे जिससे हमारे पांचवें जेनरेशन के विमानों को खतरा पैदा हो। अमेरिकी उप रक्षा सचिव डेविड ट्रैचटेनबर्ग ने गुरुवार को तुर्की के साथ एफ-35 फाइटर जेट का सौदा रद्द करने के दौरान यह बयान दिया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए उत्सुक है। लेकिन यह स्पष्ट किया है कि अमेरिका रूस से एस- 400 मिसाइल रक्षा प्रणाली सहित सैन्य उपकरणों की खरीद करने वाले किसी भी देश के खिलाफ है जिसे अमेरिका के पांचवे जनेरेशन के विमानों को खतरा पैदा हो।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारी रक्षा साझेदारी मजबूत है और हम इसे और अधिक मजबूत बनाना चाहते हैं। उनकी यह टिप्पणी डोनाल्ट ट्रंप के उस फैसले के एक दिन बाद आई है जिसमे अमेरिका ने तुर्की को एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के कारण अपने एफ-35 लड़ाकू विमानों को देने का समझौता रद्द कर दिया था।
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भारत ने पिछले साल अक्टूबर में रूस के साथ 40 हजार करोड़ रुपये की लागत से S-400 मिसाइल सिस्टम के एक बैच की खरीद के लिए समझौता किया है।
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उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए उत्सुक है। लेकिन यह स्पष्ट किया है कि अमेरिका रूस से एस- 400 मिसाइल रक्षा प्रणाली सहित सैन्य उपकरणों की खरीद करने वाले किसी भी देश के खिलाफ है जिसे अमेरिका के पांचवे जनेरेशन के विमानों को खतरा पैदा हो।
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उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारी रक्षा साझेदारी मजबूत है और हम इसे और अधिक मजबूत बनाना चाहते हैं। उनकी यह टिप्पणी डोनाल्ट ट्रंप के उस फैसले के एक दिन बाद आई है जिसमे अमेरिका ने तुर्की को एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के कारण अपने एफ-35 लड़ाकू विमानों को देने का समझौता रद्द कर दिया था।
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भारत ने पिछले साल अक्टूबर में रूस के साथ 40 हजार करोड़ रुपये की लागत से S-400 मिसाइल सिस्टम के एक बैच की खरीद के लिए समझौता किया है।
तुर्की ने एफ-35 कार्यक्रम से बाहर करने के अमेरिका के फैसले को अनुचित बताया
रूस की मिसाइल रक्षा प्रणाली की विवादित खरीद को लेकर तुर्की नाटो के एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम से देश को बाहर करने के अमेरिका के अनुचित कदम पर बुधवार को जमकर बरसा।
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह एकतरफा कदम ना तो गठबंधन की भावना का अनुपालन करता है और ना ही यह वैध तर्कों पर आधारित है।
मंत्रालय ने कहा कि एफ-35 कार्यक्रम के साझेदारों में से एक तुर्की को हटाना अनुचित है। उसने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि रूस की एस-400 प्रणाली एफ-35 के लिए खतरा होगी।
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह एकतरफा कदम ना तो गठबंधन की भावना का अनुपालन करता है और ना ही यह वैध तर्कों पर आधारित है।
मंत्रालय ने कहा कि एफ-35 कार्यक्रम के साझेदारों में से एक तुर्की को हटाना अनुचित है। उसने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि रूस की एस-400 प्रणाली एफ-35 के लिए खतरा होगी।