फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India China Border tension in Ladakh, America says China behavior provocative and disturbing

चीन से सीमा पर टकराव में भारत के साथ अमेरिका, कहा- उकसाने वाला है बीजिंग का रवैया

Thu, 21 May 2020 11:40 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 21 May 2020 11:40 AM IST
सार

  • भारत-चीन सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ा
  • अमेरिका के वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ ने कहा, चीन का रवैया उकसाने और परेशान करने वाला
  • चीनी सैनिकों ने पेंगोंग झील के आसपास अपनी उपस्थिति बढ़ाई

विज्ञापन
India China Border tension in Ladakh, America says China behavior provocative and disturbing
भारतीय सेना - फोटो : साकिब नबी

विस्तार

लद्दाख में भारत चीन सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इस बीच बुधवार को अमेरिका ने भारत का साथ देते हुए चीन के रुख की आलोचना की है। अमेरिका के वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ एलिस वेल्स ने चीन के व्यवहार को उकसाने और परेशान करने वाला बताया है। 

विज्ञापन


बुधवार को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक भारत और चीन की सेना के जवानों के बीच हुई तीखी झड़प के करीब दो सप्ताह बाद आक्रामक रुख अपनाते हुए लद्दाख में गलवां घाटी और पेंगोंग त्सो झील के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर दी गई है। 
विज्ञापन



चीनी आक्रामकता हमेशा केवल बयानबाजी नहीं होती: वेल्स
जानकारी के अनुसार, भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं अमेरिका ने कहा है कि चीनी सैनिकों का आक्रामक व्यवहार चीन की ओर से पेश खतरे की याद दिलाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिका के विदेश विभाग में दक्षिण और मध्य एशिया ब्यूरो की निवर्तमान प्रमुख एलिस वेल्स ने इस संबंध में कहा कि उन्हें लगता है कि सीमा पर तनाव एक चेतावनी है कि चीनी आक्रामकता हमेशा केवल बयानबाजी नहीं होती। 

उन्होंने कहा, चाहे दक्षिण चीन सागर का मामला हो या भारत के साथ लगी उसकी सीमा हो, हम चीन की ओर से उकसावे और परेशान करने वाला व्यवहार देख रहे हैं। यह दिखाता है कि चीन अपनी बढ़ती ताकत का किस तरह इस्तेमाल करना चाहता है।

लद्दाख की गलवां घाटी में फिर बढ़ा तनाव, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों तरफ बढ़ीं सैन्य गतिविधियां

चीन दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है, लेकिन उसका पड़ोसी मुल्कों के साथ विवाद

अभी हाल ही में दक्षिण चीन सागर में चीन की ओर से उसकी सैन्य गतिविधियां बढ़ाए जाने की खबर आई थी, जिसके बाद अमेरिका ने भी अपने पोत इस क्षेत्र के लिए रवाना कर दिए थे। 

वेल्स ने दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रमता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि चीन पूरे दक्षिण सागर पर दावा करता है, जबकि उसका वियतनाम, मलयेशिया, फिलीपीन, ब्रूनेई और ताइवान के साथ विवाद है। बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर में कई द्वीपों पर सैन्य ठिकाने बना लिए हैं। वेल्स ने कहा कि यह इलाका खनिज संपन्न है और वैश्विक व्यापार के लिए भी अहम रूट है। 

चीन के खिलाफ एक समान विचार वाले मुल्क इकट्ठा हो रहे
वेल्स ने कहा कि आप देख सकते हैं कि चीन की नीति के खिलाफ एक समान विचार वाले देश एकत्रित हो रहे हैं। फिर वो चाहे आसियान के जरिए, इसके सदस्य देशों का इकट्ठा होना हो या दूसरे कूटनीतिक समूहों के जरिए। 

उन्होंने कहा कि अमेरिका, जापान, भारत, ऑस्ट्रेलिया और दुनिया के दूसरे मुल्क द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने आर्थिक सिद्धातों को लागू करने की कोशिश में जुटे हुए हैं, जिसमें हर राष्ट्र के लिए मुक्त और खुले व्यापार की बात की गई है। 

वेल्स ने कहा कि अमेरिका ऐसा वैश्विक तंत्र चाहता है, जिसमें हर मुल्क को फायदा हो ना कि ऐसा तंत्र जिसमें चीन का आधिपत्य हो। मुझे लगता है कि सीमा विवाद का यह उदाहरण चीन द्वारा उत्पन्न खतरे की याद दिलाता है। 

चीनी सैनिकों ने पेंगोंग झील के आसपास अपनी उपस्थिति बढ़ाई

सूत्रों ने जानकारी दी है कि चीनी सैनिकों ने पेंगोंग झील के आसपास के क्षेत्रों में बीते कुछ दिनों से अपनी उपस्थिति काफी बढ़ा दी और यहां तक कि झील में अतिरिक्त नाव भी ले आए हैं। सूत्रों ने बताया कि ऐसी स्थिति में दोनों पक्षों ने डेमचौक और दौलत बेग ओल्डी जैसे स्थानों पर अधिक सैनिक तैनात किए हैं।

बता दें कि गलवां के आसपास का क्षेत्र पिछले छह दशकों से दोनों पक्षों के बीच विवाद का विषय रहा है। सूत्रों ने कहा कि चीनी पक्ष ने गलवां घाटी क्षेत्र में बड़ी संख्या में टेंट लगाए हैं। इसके बाद भारत ने भी इलाके में चौकसी बरतने के लिए अपने अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं।

चीन ने जताई सड़क निर्माण पर आपत्ति
दरअसल, चीनी पक्ष ने गलवां नदी के आसपास भारत की ओर से एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण किए जाने को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी। सूत्रों ने कहा कि इसके बाद इस सड़क का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है। बता दें कि पांच मई को लगभग 250 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और डंडों के साथ झड़प हुई थी। इसमें दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे। दोनों सेनाओं के बीच बढ़ते तनाव पर न तो सेना और न ही विदेश मंत्रालय ने कोई टिप्पणी की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed