कनाडा विवाद: ‘वे खुद बोल सकते हैं', भारत की प्रतिक्रिया पर अमेरिका की दो टूक; जांच में सहयोग की अपील दोहराई
मैथ्यू मिलर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि क्या विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन अपने भारतीय समकक्ष जयशंकर के साथ बैठक के दौरान कनाडा के आरोप वाले मुद्दे को उठाएंगे। इस पर मिलर ने कहा कि वह राजनयिक बातचीत को सार्वजनिक रूप से नहीं बता सकते।
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अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े कनाडा के आरोपों और चल रही जांच के संबंध में भारत अपनी ओर से बोल सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि वॉशिंगटन ने नई दिल्ली से कनाडाई जांच में सहयोग करने का आग्रह किया है।
दरअसल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया था कि क्या विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ बैठक के दौरान कनाडा के आरोप वाले मुद्दे को उठाएंगे।
मिलर ने सवाल का जवाब देते हुए कहा, “बैठक में विदेश मंत्रियों और अन्य अधिकारियों के बीच क्या बात होगी इस बात को मैं पहले सार्वजनिक नहीं बता सकता। इस अभ्यास को मैं बनाए रखूंगा। पहले मंत्रियों और उनके समकक्षों को बोलने का मौका मिलना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि मामला सामने आने पर हमने भारत सरकार के साथ बातचीत की और उनसे जांच में सहयोग करने का आग्रह किया है। अमेरिका की अपील पर भारत की प्रतिक्रिया पूछे जाने पर मिलर ने निजी राजनयिक बातचीत में कही गई बातों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
मिलर ने कहा, “वह खुद बोल सकते हैं। निजी राजनयिक बातचीत को मैं सार्वजनिक नहीं बता सकता हूं। मैं आपको वही बताऊंगा, जो मैंने कहा। हमने भारत से कनाडा की जांच में सहयोग करने का आग्रह किया है।”
मामले पर बनी हुई है नजर: एंटनी ब्लिंकन
इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने शुकवार प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हम कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों के कारण चितिंत हैं। हम मामले में कनाडाई सहयोगियों से बातचीत कर रहे हैं। सिर्फ बातचीत ही नहीं बल्कि करीब से मामले पर नजर भी बनाए हुए हैं, समन्वय कर रहे हैं। मामले में कनाडाई जांच एक निष्कर्ष पर पहुंचे, यह बेहद जरूरी है।
यह है मामला
पिछले सप्ताह, कनाडा ने भारत के एक शीर्ष राजनयिक को निष्कासित कर दिया था। पूरा मामला सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड की जांच से जुड़ा है। कनाडा सरकार का आरोप है कि भारतीय राजनयिक हत्याकांड की जांच में हस्तक्षेप कर रहे थे और वह भी तब जब कनाडाई एजेंसी मामले की जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया है कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार की साजिश हो सकती है। हालांकि, भारत ने भी पलटवार किया। उसने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
कनाडाई पीएम ने भारत सरकार पर लगाए आरोप
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले सप्ताह आरोप लगाए थे कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है। ट्रूडो ने कहा था कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों के पास यह मानने के कारण है कि भारत सरकार के एजेंटों ने ही निज्जर की हत्या की है। कनाडाई एजेंसियां निज्जर की हत्या में भारत की साजिश की संभावनाओं की जांच कर रही हैं। ट्रूडो ने जोर दिया कि कनाडा की धरती पर कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी भी प्रकार की संलिप्तता अस्वीकार्य है।
कौन है हरदीप सिंह निज्जर
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसी साल जून में कनाडा के एक प्रमुख खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कनाडा के सरे में स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारे के नजदीक दो अज्ञात हमलावरों ने निज्जर पर हमला किया था। हमले में उसकी मौत हो गई थी। भारतीय एजेंसी एनआईए ने निज्जर को भगोड़ा घोषित किया था। बता दें, निज्जर गुरु नानक सिख गुरुद्वारे का अध्यक्ष था और कनाडा में चरमपंथी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का प्रमुख चेहरा था। निज्जर, खालिस्तान टाइगर फोर्स का प्रमुख भी था।