फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India calls out attempts introduce parameters such as religion faith IN UNSC

UNSC: 'सुरक्षा परिषद में प्रतिनिधित्व के लिए धर्म, आस्था जैसे मापदंडों को आधार बनाना गलत', भारत का बयान

Wed, 16 Apr 2025 11:24 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 16 Apr 2025 11:24 AM IST
सार

ब्राजील, जर्मनी, जापान और भारत की सदस्यता वाले जी4 देशों ने भी धर्म और आस्था के आधार पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता देने का विरोध किया है। जी4 देशों का कहना है कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व एक स्वीकृत आधार है, जो समय की कसौटी पर खतरा भी उतरा है।

विज्ञापन
India calls out attempts introduce parameters such as religion faith IN UNSC
पी. हरीश, संयुक्त राष्ट्र के राजदूत - फोटो : X / @AmbHarishP

विस्तार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में धर्म और आस्था के आधार पर प्रतिनिधित्व देने के प्रयासों की आलोचना की है। भारत ने कहा कि यह क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के स्वीकृत आधार के बिल्कुल विपरीत है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी हरीश ने अंतर-सरकारी वार्ता (आईजीएन) बैठक में ये बात कही। उन्होंने कहा कि पाठ-आधारित वार्ता का विरोध करने वाले लोग यूएनएससी सुधारों पर प्रगति नहीं चाहते हैं।
विज्ञापन


भारत ने क्यों कही ये बात
पी. हरीश का यह बयान तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन के बीते महीने दिए गए उस बयान के बाद आया है, जिसमें एर्दोआन ने कहा था कि एक इस्लामिक देश को भी सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि तुर्किए राष्ट्रपति के उसी बयान के बाद भारत ने धर्म आधारित व्यवस्था का विरोध किया। ब्राजील, जर्मनी, जापान और भारत की सदस्यता वाले जी4 देशों ने भी धर्म और आस्था के आधार पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता देने का विरोध किया है। जी4 देशों का कहना है कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व एक स्वीकृत आधार है, जो समय की कसौटी पर खतरा भी उतरा है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- US: रूस-अमेरिका में हो सकती है आर्थिक साझेदारी, व्हाइट हाउस का बड़ा एलान- युद्ध रोका तो बड़ी सौगात देंगे
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में बदलाव की मांग कर रहा
हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद की सदस्यता को मौजूदा 15 से बढ़ाकर 25 या 26 करने की जरूरत है, जिसमें 11 स्थायी सदस्य और 14 या 15 अस्थायी सदस्य शामिल होंगे। वर्तमान में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पांच स्थायी सदस्य हैं, जिनमें चीन, फ्रांस, रूस, यूके और अमेरिका शामिल हैं। बाकी 10 सदस्यों को दो साल के कार्यकाल के लिए गैर-स्थायी सदस्यों के रूप में चुना जाता है। भारत पिछली बार 2021-22 में गैर-स्थायी सदस्य के रूप में परिषद में बैठा था। भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में बदलाव की मांग कर रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed