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India-Bangladesh: बांग्लादेश से 245 भारतीय स्वदेश लौटे, 125 छात्र शामिल; उच्चायोग BSF के साथ मिलकर कर रहा मदद

Fri, 19 Jul 2024 10:45 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 19 Jul 2024 10:45 PM IST
सार

India-Bangladesh: बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इसके चलते शुक्रवार रात 8 बजे तक 245 भारतीय भारत लौटे हैं। इनमें 125 छात्र भी हैं। भारतीय उच्चायोग ने 13 नेपाली छात्रों की वापसी में भी मदद की।

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India-Bangladesh: More than 245 Indians returned home from Bangladesh, including students
बांग्लादेश हिंसा - फोटो : एएनआई

विस्तार

हिंसाग्रस्त बांग्लादेश से शुक्रवार रात 8 बजे तक 245 भारतीय भारत लौटे हैं। इनमें 125 छात्र भी हैं। भारतीय उच्चायोग ने 13 नेपाली छात्रों की वापसी में भी मदद की। उच्चायोग बीएसएफ, आव्रजन ब्यूरो के साथ समन्वय कर भारतीय नागरिकों की वापसी में मदद कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। 

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इस बीच, भारतीय रेलवे ने भी शनिवार को कोलकाता-ढाका मैत्री एक्सप्रेस और को कोलकाता-खुलना के बीच चलने वाले बंधन एक्सप्रेस को रद्द कर दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। 
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देश में नौकरियों में आरक्षण प्रणाली को समाप्त करने की मांग को लेकर बांग्लादेश में इन दिनों हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। जिसके कारण इन ट्रेन सेवाओं को रद्द किया गया है। इन प्रदर्शनों के चलते कई जगहों पर सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। 
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पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि 13108 कोलकाता-ढाका मैत्री एक्सप्रेस शनिवार को रद्द रहेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन के डिब्बों की उपलब्धता अनिश्चित होने के कारण 13129/13120 कोलकाता-खुलना बंधन एक्सप्रेस सेवाएं रविवार को रद्द रहेंगी। 

वहीं, भारतीय उच्चायोग उन छात्रों को सुविधा प्रदान कर रहा है, जो बांग्लादेश से भारत वापस आ रहे हैं। इसके लिए वह बीएसएफ, आप्रवासन ब्यूरो और बांग्लादेश के स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। उच्चायोग के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा क्रॉसिंग बेनापोल-पेट्रोपोल, गेदे-दर्शना और अखौरा-अगरतला छात्रों और भारतीय नागरिकों को देश लौटने के लिए खुले रहेंगे। 

स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे कुछ लोग: हर्षवर्धन श्रृंगला
सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ चल रहे देशव्यापी प्रदर्शनों को लेकर बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त रहे हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, बांग्लादेश में छात्रों के ये प्रदर्शन पिछले तीन-चार दिनों से चल रहे हैं। इन प्रदर्शनों ने कई लोगों की जान ली है और इससे देश में अशांति और अस्थिरता है। प्रधानमंत्री शेख हसीना ने खुद सार्वजनिक रूप से आकर नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा है कि हम आपके साथ हैं, आप जो कह रहे हैं, हम उससे सहमत हैं। लेकिन मामला अदालतों के पास है और हम कोशिश करेंगे कि फैसले कि लिए अदालतों में जल्द से जल्द फैसले हों। हम अन्य तत्वों के भी तस्वीर में सामने आने की खबरें देख रहे हैं। इसमें छत्रशिबिर जैसे चरमपंथी तत्व हैं, जो जमात-ए-इस्लामी के हिस्सा हैं। 

पूर्व उच्चायुक्त ने कहा, विपक्षी बीएनपी विरोध प्रदर्शनों में शामिल है, जिसने इसमें एक राजनीतिक पहलू जोड़ है। आईएसआई जैसे अन्य तत्व भी हो सकते हैं जो बांग्लादेश के हितों के खिलाफ हो सकते हैं। इस तरह की खबरे हैं, हालांकि यह सही हैं या नहीं, सरकार यह पता लगाने के लिए जांच करनी चाहिए। लेकिन कुछ लोग स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।  

हसीना के संबोधन के बाद तेज हुए प्रदर्शन: ताहिर आलम, वकील
एक बांग्लादेश निवासी वकील ताहिर आलम ने कहा, छात्र क्रांत से बांग्लादेश परेशान है। पहले क्रांति काफी सामान्य और मौन थी। लेकिन जब प्रधानमंत्री शेख हसीना ने राष्ट्र के नाम भाषण दिया, तो यह छात्र क्रांति चरम पर पहुंच गई। अब यह तीन समूहों के बीच एक बड़ा संघर्ष है। कई छात्र मारे गए पूरा देश बंद है। हर क्षेत्र में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार छात्रों के साथ बैठकर चर्चा करने के लिए सहमत हो गई। इंटरनेट बंद है, इसलिए हमें कोई अपडेट नहीं मिल रहा है।  


छात्रों की मांग को माना जाना चाहिए: अनिक पाल, बांग्लादेशी छात्र 
बांग्लादेश के एक छात्र अनिक पाल ने कहा, बांग्लादेश में प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सभी छात्र विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। हम आरक्षण प्रणाली को खत्म करने की मांग करते हैं। मैं चाहता हूं कि इस समस्या का जल्द समाधान हो। हमारी मांग को माना जाना चाहिए और जिन छात्रों ने अपनी जान गंवाई है, हम उनके साथ हैं और उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। 

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