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भारत का यूएन के सदस्यों से सवाल, अब तक चार महिलाएं ही क्यों बनीं यूएनजीए की अध्यक्ष
Wed, 01 May 2019 08:34 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 01 May 2019 08:34 PM IST
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों से इस मुद्दे पर आत्ममंथन करने के लिए कहा है कि 70 वर्षों में महासभा में अध्यक्ष पद के लिए अब तक केवल चार महिलाएं ही क्यों चुनी गई हैं।
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भारतीय मिशन में काउंसिलर अंजनी कुमार ने कहा कि विजया लक्ष्मी पंडित 1953 में महासभा की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला रहीं और यह संतोष की बात है कि अब एक और महिला नमारिया फर्नाडा एस्पिनोसा गार्सिस यहां हैं। उन्होंने कहा, ‘हालांकि, हमें इस तथ्य को परिलक्षित करने की आवश्यकता है कि संयुक्त राष्ट्र के 73 वर्षों में महज चार महिलाएं महासभा की अध्यक्ष रही हैं।’
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उन्होंने महासभा के पुनर्जीवन को लेकर हुई कार्य समूह की बैठक में यह बात कही। पंडित और एस्पिनोसा की अध्यक्षता के 65 वर्षों के बीच इस पद पर निर्वाचित होने वाली दो और महिलाएं लाइबेरिया की एंजी ब्रुक्स (1969) और बहरीन की हया राशिद अल खलीफा (2006) रही हैं।
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