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Hindi News ›   World ›   India and Pakistan will deal with the problem of locusts both countries are victims of it

टिड्डियों की समस्या से मिलकर निपटेंगे भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देश इसके शिकार

Fri, 05 Jun 2020 10:14 PM IST
Rohit Ojha वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Rohit Ojha Updated Fri, 05 Jun 2020 10:14 PM IST
सार

  • भारत और पाकिस्तान के तकनीकी अधिकारियों के बीच आपसी सहयोग से निकलेगा रास्ता
  • भारत, पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान है टिड्डियों के हमले से परेशान
  • पाकिस्तान का दावा, टीओसी की बैठक में हर हफ्ते सभी चार देश करते हैं समीक्षा  

 

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India and Pakistan will deal with the problem of locusts both countries are victims of it
टिड्डियों का फसलों पर हमला - फोटो : Twitter

विस्तार

भारत और पाकिस्तान के बीच बेशक कश्मीर और आतंकवाद के सवाल पर तनातनी बनी रहती है, कूटनीतिक रिश्ते खराब हैं, लेकिन टिड्डियों के आतंक से दोनों ही मुल्क परेशान हैं। इस जमीनी समस्या से निपटने के लिए दोनों ही देशों के अधिकारी मिलकर उपाय तलाशने में लग गए हैं। ये जानकारी पाकिस्तानी विदेश विभाग की प्रवक्ता ने दी है।

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दरअसल, भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश खाद्य और कृषि संगठन के तहत अन्य देशों के साथ मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए एक दूसरे से सहयोग करते रहे हैं। दक्षिण पश्चिम एशिया के रेगिस्तानी इलाकों में टिड्डियों का जबरदस्त आतंक रहा है और इन टिड्डियों के हमले से किसानों की हजारों एकड़ की फसलें तबाह होती रही हैं। इस बार भी टिड्डियों के विशाल दलों ने भारत और पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में जबरदस्त आतंक मचा रखा है। हाल ही में राजस्थान के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा, पंजाब तक इन टिड्डियों के हमलों को लेकर खासे परेशान रहे और राज्य सरकारों ने अलर्ट तक जारी कर दिया था।

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हर साल टिड्डियों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आयशा फारुकी ने बताया कि खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की मार्च में हुई बैठक में ये तय किया गया था कि इसके तमाम सदस्यों के बीच आपसी बातचीत बढ़ाने और इस समस्या को हल करने की दिशा में कोई ठोस पहल करने का फैसला हुआ था। इस संगठन में पाकिस्तान के अलावा भारत, अफगानिस्तान और ईरान शामिल हैं। जाहिर है इन चारों देशों में रेगिस्तानी इलाके बड़े भूभाग में हैं और इन इलाकों में कई वर्षों से टिड्डियों का कहर रहा है।

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इसे कम करने के लिए बाकायदा इन देशों ने मिलकर एक फोरम भी बनाया, लेकिन हर साल इन टिड्डियों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। इस बार ये पहले से कहीं ज्यादा है। जाहिर है ऐसी स्थिति में इनसे निपटने और किसानों की फसलों को बचाने के लिए रणनीति तय करने में सभी देश लगे हैं। फारुकी ने कहा कि पाकिस्तान शुरू से ही इस मसले पर सभी सदस्य देशों के साथ सहयोगी रवैया अपनाने और बातचीत करने के पक्ष में रहा है। इसीके लिए टेक्निकल एंड ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन (टीओसी) टीम बनाई गई है।  


उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि भारत और पाकिस्तान के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम टीओसी की हर हफ्ते होने वाली बैठक में शामिल होकर इस मसले का कोई न कोई रास्ता जरूर निकाल लेंगे। पाकिस्तान हर हफ्ते इसकी बैठकों में शामिल होता रहा है और अपने सुझाव देता रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि कम से कम इस मसले पर एक दूसरे के विवादों को किनारे कर आपसी तालमेल का रास्ता जरूर बनना चाहिए और इस दिशा में कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।

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