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Pakistan: इमरान खान की पार्टी ने किया हाई कोर्ट का रुख, शरीफ सरकार को बर्खास्त करने की मांग
Thu, 28 Jul 2022 04:52 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 28 Jul 2022 04:52 AM IST
सार
प्रधानमंत्री शरीफ के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपने बेटे हमजा शरीफ को देश के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांत के कार्यकारी प्रमुख के पद से हटा दिया।
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इमरान खान और शहबाज शरीफ(फाइल)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री के चुनाव में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्साहित प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने बुधवार को एक शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई। पीएमएल-क्यू नेता चौधरी परवेज इलाही ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
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76 वर्षीय नेता इलाही पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी द्वारा समर्थित है। प्रधानमंत्री शरीफ के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपने बेटे हमजा शरीफ को देश के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांत के कार्यकारी प्रमुख के पद से हटा दिया। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के अनुसार, पीटीआई के वरिष्ठ नेताओं अंदलीब अब्बास और हसन नियाजी ने एक याचिका दायर की जिसमें संघीय सरकार, प्रधानमंत्री शरीफ के प्रधान सचिव और पाकिस्तान के चुनाव आयोग को मामले में पक्षकार बनाया गया था।
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राष्ट्रपति ने इलाही को दिलाई पंजाब के सीएम पद की शपथ
चौधरी परवेज इलाही ने नाटकीय घटनाक्रम के बाद बुधवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पंजाब विधानसभा के डिप्टी-स्पीकर के फैसले को असांविधानिक करार देने व पीएमएल-क्यू नेता इलाही को सीएम नामित करने के बाद यह शपथ हुई। इस फैसले से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उनके बेटे हमजा शरीफ से ‘ट्रस्टी’ मुख्यमंत्री का दर्जा भी छिन गया है। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इलाही को शपथ दिलाई। राष्ट्रपति अल्वी ने शपथ समारोह के लिए इलाही को इस्लामाबाद लाने के लिए एक विशेष विमान भेजा था।
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पाकिस्तान के गृह मंत्री ने दी पंजाब में राज्यपाल शासन की चेतावनी
पाकिस्तान के गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सत्ता संभालने वाली पूर्व पीएम इमरान के समर्थन से बनी पंजाब की परवेज इलाही सरकार को राज्यपाल शासन लागू करने की चेतावनी दी है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के विधायक पंजाब में गृह मंत्री के प्रवेश पर रोक लगाने का सुझाव दे रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परवेज इलाही ने पंजाब के सीएम पद की शपथ ली है। इससे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शहबाज को ट्रस्टी मुख्यमंत्री का दर्जा खोना पड़ा है। राना सनाउल्लाह ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि पंजाब में राज्यपाल शासन लगाने का आदेश तैयार किया जा रहा है। मैंने व्यक्तिगत रूप से इस पर काम शुरू कर दिया है। यदि मेरे प्रवेश पर रोक लगाई गई तो यह राज्यपाल शासन का आधार बनेगा।
प्रधानमंत्री शहबाज का आरोप, न्यायपालिका उनकी सरकार के प्रति दोहरा रवैया अपना रही
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को न्यायपालिका पर निशाना साधते हुए कुछ न्यायाधीशों पर अपनी गठबंधन सरकार के प्रति ‘‘दोहरा मापदंड’’ अपनाने का आरोप लगाया। उच्चतम न्यायालय ने एक दिन पहले शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शरीफ को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और सबसे अधिक आबादी वाले पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था, जिसके बाद उन्होंने यह टिप्पणी की।
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुनाया था कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू) के नेता परवेज इलाही पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे। इलाही (76) को अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी का समर्थन हासिल है। बुधवार तड़के उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसे प्रधानमंत्री शरीफ के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में नेशनल असेंबली के सत्र को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं न्यायपालिका का सम्मान करता हूं लेकिन नेशनल असेंबली में सच बोलना पड़ता है।' उन्होंने कहा कि लोग उम्मीद करते हैं कि न्यायपालिका न्याय को ध्यान में रखते हुए निर्णय करेगी और 'न्याय का मानक' सभी के लिए समान होना चाहिए।