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Pakistan: 'इमरान-बुशरा की गैर-इस्लामिक शादी पर अदालत का फैसला शर्मनाक, महिला गरिमा को ठेस'; जज पर भड़कीं वकील
Sun, 04 Feb 2024 03:41 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 04 Feb 2024 03:41 PM IST
सार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और बुशरा बीबी की शादी मामले में अदालत ने दोनों को सात-सात साल जेल की सजा सुनाई है। फैसले के बाद महिला वकीलों ने वरिष्ठ सिविल जज कुरातुल्लाह को आड़े हाथों लिया। फैसले को शर्मनाक बताते हुए इन वकीलों ने आरोप लगाया कि जज के फैसले से नारी गरिमा को ठेस पहुंचाया है।
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बुशरा बीबी से शादी मामले में पाकिस्तानी अदालत के फैसले के बाद इमरान खान के समर्थकों में गुस्सा
- फोटो : ANI
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विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों में गुस्सा है। अदालत ने बुशरा बीबी से शादी को गैर-इस्लामिक बताते हुए इमरान और बुशरा को सात-सात साल जेल और पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। नारीवादी वकीलों ने अदालत के इस फैसले को शर्मनाक बताते हुए इसे नारी गरिमा पर ठेस पहुंचाने वाला करार दिया है। बता दें कि इमरान और बुशरा के निकाह मामले में वरिष्ठ सिविल जज कुरातुल्लाह के आदेश के बाद 49 वर्षीय बुशरा बीबी को इमरान खान के बानीगाला निवास में कैद कर दिया गया है।
सिविल जज कुरातुल्लाह ने 2018 में हुए निकाह को रद्द करने का फैसला सुनाया। फैसले से आक्रोशित समर्थकों और नारीवादी वकीलों ने कहा है कि अदालत का फैसला दंपती के निजी मामलों में घुसपैठ के समान है। वकील और राजनीतिक टिप्पणीकार रीमा ओमर के मुताबिक बुशरा के पहले पति मनेका का बुशरा के पीरियड्स को लेकर दिया बयान शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अपने फैसले में जज ने सवाल किया कि क्या इस्लाम में नेहराम (अजनबी) पुरुष और महिला को 'अलग-थलग किसी भी तरह की मुलाकात' की अनुमति है? ऐसी टिप्पणी शर्मनाक है। इससे न्याय और मानवाधिकारों का मजाक बनता है।
इमरान और बुशरा को दोषी ठहराए जाने के फैसले के बाद उनकी पार्टी- पीटीआई ने कहा है कि वह अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। खुद इमरान ने कहा है कि राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित उनके प्रतिद्वंद्वियों ने उन्हें इस मामले में फंसाया है।
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महिला वकीलों ने अदालत के फैसले को विवादास्पद बताते हुए कहा कि इससे न्याय के स्थापित सिद्धांतों का उल्लंघन होता है। महिला वकीलों का आरोप है कि जैविक रूप से मासिक धर्म जैसी चीजें महिलाओं के निजी मामले हैं। कोर्ट के फैसले में इनका जिक्र होने से नारी गरिमा को ठेस पहुंचती है। बुशरा के पहले पति खावर मनेका ने एक जनवरी, 2018 को शादी की थी। शादी के लगभग छह साल बाद मनेका ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने बुशरा बीबी ने 'इद्दत' पूरी किए बिना इमरान खान से शादी की। उन्होंने इमरान और बुशरा पर शादी से पहले भी अनैतिक रिश्ता (adulterous relationship) रखने का आरोप लगाया।
पाकिस्तान की अदालत में न्यायाधीश ने पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 496 के तहत सजा सुनाई। उन्होंने 1 जनवरी, 2018 के निकाह को रद्द कर दिया। उन्होंने लिखा, कोई भी बेईमानी से या कपटपूर्ण इरादे से, यह जानते हुए शादी करे कि यह गैरकानूनी है; उसे दंड मिलना चाहिए। कानूनी रूप से विवाहित नहीं होने पर सात साल तक कारावास की सजा मिलेगी। साथ में जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस मामले का एक पहलू यह भी है कि इमरान खान और बुशरा बीबी अभी भी 'वैध रिश्ते' में हैं। अदालत के फैसले के मुताहिक सुनाया कि 14 फरवरी, 2018 को किया गया उनका दूसरा निकाह कानूनी था।
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सिविल जज कुरातुल्लाह ने 2018 में हुए निकाह को रद्द करने का फैसला सुनाया। फैसले से आक्रोशित समर्थकों और नारीवादी वकीलों ने कहा है कि अदालत का फैसला दंपती के निजी मामलों में घुसपैठ के समान है। वकील और राजनीतिक टिप्पणीकार रीमा ओमर के मुताबिक बुशरा के पहले पति मनेका का बुशरा के पीरियड्स को लेकर दिया बयान शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अपने फैसले में जज ने सवाल किया कि क्या इस्लाम में नेहराम (अजनबी) पुरुष और महिला को 'अलग-थलग किसी भी तरह की मुलाकात' की अनुमति है? ऐसी टिप्पणी शर्मनाक है। इससे न्याय और मानवाधिकारों का मजाक बनता है।
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इमरान और बुशरा को दोषी ठहराए जाने के फैसले के बाद उनकी पार्टी- पीटीआई ने कहा है कि वह अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। खुद इमरान ने कहा है कि राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित उनके प्रतिद्वंद्वियों ने उन्हें इस मामले में फंसाया है।
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महिला वकीलों ने अदालत के फैसले को विवादास्पद बताते हुए कहा कि इससे न्याय के स्थापित सिद्धांतों का उल्लंघन होता है। महिला वकीलों का आरोप है कि जैविक रूप से मासिक धर्म जैसी चीजें महिलाओं के निजी मामले हैं। कोर्ट के फैसले में इनका जिक्र होने से नारी गरिमा को ठेस पहुंचती है। बुशरा के पहले पति खावर मनेका ने एक जनवरी, 2018 को शादी की थी। शादी के लगभग छह साल बाद मनेका ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने बुशरा बीबी ने 'इद्दत' पूरी किए बिना इमरान खान से शादी की। उन्होंने इमरान और बुशरा पर शादी से पहले भी अनैतिक रिश्ता (adulterous relationship) रखने का आरोप लगाया।
पाकिस्तान की अदालत में न्यायाधीश ने पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 496 के तहत सजा सुनाई। उन्होंने 1 जनवरी, 2018 के निकाह को रद्द कर दिया। उन्होंने लिखा, कोई भी बेईमानी से या कपटपूर्ण इरादे से, यह जानते हुए शादी करे कि यह गैरकानूनी है; उसे दंड मिलना चाहिए। कानूनी रूप से विवाहित नहीं होने पर सात साल तक कारावास की सजा मिलेगी। साथ में जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस मामले का एक पहलू यह भी है कि इमरान खान और बुशरा बीबी अभी भी 'वैध रिश्ते' में हैं। अदालत के फैसले के मुताहिक सुनाया कि 14 फरवरी, 2018 को किया गया उनका दूसरा निकाह कानूनी था।