पाकिस्तान में सियासी पारा चढ़ा: सरकार बचाने के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं इमरान
इमरान खान ने सोमवार को सिंध प्रांत के गवर्नर इमरान इस्माइल और रक्षा मंत्री परवेज खटक को निर्देश दिया कि वे पीटीआई के असंतुष्ट नेताओं को मनाएं। पाकिस्तान के अखबारों में छपी खबर के मुताबिक इमरान खान ने पीटीआई की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की, जिस दौरान ये निर्देश दिया गया...
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पाकिस्तान में विपक्ष की तरफ से पेश किए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव के कारण ऐसा लगता है कि इमरान खान सरकार का सारा ध्यान खुद को बचाने पर टिक गया है। इसकी वजह से आम प्रशासन प्रभावित हो रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने सार्वजनिक रूप से बार-बार विपक्षी दलों को चुनौती दी है कि वे अविश्वास प्रस्ताव लाकर अपनी ताकत आजमा लें। लेकिन ऐसे तमाम संकेत हैं, जिनसे जाहिर होता है कि इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) विपक्षी एकजुटता से बेहद चिंतित है। इसलिए वह विपक्षी एकता तोड़ने की कोशिश में जुट गई है।
इमरान खान ने सोमवार को सिंध प्रांत के गवर्नर इमरान इस्माइल और रक्षा मंत्री परवेज खटक को निर्देश दिया कि वे पीटीआई के असंतुष्ट नेताओं को मनाएं। पाकिस्तान के अखबारों में छपी खबर के मुताबिक इमरान खान ने पीटीआई की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की, जिस दौरान ये निर्देश दिया गया।
नहीं हो रही कैबिनेट बैठक
सियासी टीकाकारों ने कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव के कारण बाकी सब कुछ ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इस वजह से हर हफ्ते होने वाली कैबिनेट की बैठक भी नहीं हो रही है। लगातार तीसरे हफ्ते इस मंगलवार को तय कैबिनेट की बैठक को टाल दिया गया। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इमरान खान और उनके मंत्रियों का सारा समय अविश्वास प्रस्ताव को नाकाम करने की रणनीति बनाने में जा रहा है। मंत्रियों और पीटीआई के नेताओं को इस प्रचार में जुटे रहने का निर्देश दिया गया है कि अविश्वास प्रस्ताव के सफल होने की कोई संभावना नहीं है।
बताया जाता है कि सिंध के गवर्नर और रक्षा मंत्री को असंतुष्ट नेताओं को मनाने का निर्देश मीडिया में ये खबर छपने के बाद दिया गया कि पीटीआई नेता अलीम खान से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज ने संपर्क किया है। पीटीआई सूत्रों ने अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा है कि अलीम खान पिछले दो हफ्ते पीटीआई के लगभग दो दर्जन असंतुष्ट नेताओं से संपर्क करने में जुटे रहे हैं। उनसे उन्होंने असंतुष्ट नेताओं के सामने मौजूद विकल्पों और उनकी अगली रणनीति पर बातचीत की है। बताया जाता है कि इन खबरों से पीटीआई नेतृत्व की चिंता बढ़ी है।
लॉन्ग मार्च के बाद 'आफत'
विश्लेषकों का कहना है कि सरकार हफ्तों से खुद को घिरा हुआ पा रही है। यह विपक्ष की तेज हुई आलोचना का ही नतीजा था कि पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री इमरान खान ने पेट्रोल, डीजल और बिजली के दामों में कटौती की घोषणा की। इसके अलावा दक्षिण पंजाब को अलग प्रांत की चर्चा भी छेड़ी गई है। इमरान ने कहा है कि इस बारे में जल्द ही एक संविधान संशोधन बिल नेशनल असेंबली में पेश करेंगे।
इस बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के लॉन्ग मार्च को इस्लामाबाद के रास्ते में काफी समर्थन मिल रहा है। पार्टी ने संकेत दिया है कि लॉन्ग मार्च के इस्लामाबाद पहुंचने के तुरंत बाद अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता खुर्शीद शाह और अन्य विपक्षी दलों के गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित रणनीति पर बातचीत की। इन गतिविधियों से देश में सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है।