अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने भारत की आर्थिक वृद्धि पर जताई नाराजगी, कहा- उम्मीद से काफी कमजोर
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की मौजूदा आर्थिक वृद्धि पर नाराजगी जताई है। आईएमएफ ने गुरुवार को वाशिंगटन में कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि उम्मीद से काफी कमजोर है।
आईएमएफ ने आर्थिक वृद्धि की कमजोरी के लिए कॉरपोरेट एवं पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितता एवं कुछ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कमजोरियों को जिम्मेदार ठहराया।
Gerry Rice, IMF Spox: Latest GDP figures reflect slow growth rate for India.What’s IMF’s assessment?We’ll have fresh numbers coming up but recent economic growth in India is much weaker than expected,mainly due to corporate&environmental regulatory uncertainty... (1/2) (file pic) pic.twitter.com/eHY0URhyn4
— ANI (@ANI) September 13, 2019
हालांकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा कि इसके बावजूद भारत चीन से बहुत आगे और विश्व की सबसे तेजी से विकास करने वाली बड़ी अर्थव्यस्था बना रहेगा।
आईएमएफ प्रवक्ता गेरी राइस ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम नए आंकड़े पेश करेंगे लेकिन खासकर कॉरपोरेट एवं पर्यावरणीय नियामक की अनिश्चितता एवं कुछ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कमजोरियों के कारण भारत में हालिया आर्थिक वृद्धि उम्मीद से काफी कमजोर है।’
Gerry Rice, International Monetary Fund Spokesperson: ....and lingering weakness in some non-Bank financial companies and risks to the outlook are tilted to the downside, as we like to say. (2/2)
— ANI (@ANI) September 13, 2019