बांग्लादेश: हसीना के खिलाफ आरोपों की जांच की समय सीमा 2 माह बढ़ी; हाईकोर्ट ने बहाल की कार्यवाहक सरकार प्रणाली
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बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने मंगलवार को अपदस्थ पीएम शेख हसीना (77) के खिलाफ आरोपों की जांच पूरी करने की समय सीमा 2 माह बढ़ा दी है। न्यायमूर्ति गुलाम मुर्तुजा मजूमदार की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि जांच की समय सीमा 18 फरवरी तक बढ़ाई जाती है। जुलाई-अगस्त में छात्र नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान नरसंहार के लिए हसीना व पूर्व मंत्रियों सहित 45 के खिलाफ मामला दर्ज है। हसीना 5 अगस्त से भारत में रह रही हैं। इस बीच, दो केस की जांच मंगलवार को पूरी होनी थी, लेकिन जांच एजेंसी ने और समय मांगा है।
हाईकोर्ट ने बहाल की कार्यवाहक सरकार प्रणाली
बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट के हाईकोर्ट डिवीजन ने संविधान में 15वें संशोधन को आंशिक रूप से रद्द करते हुए देश में कार्यवाहक सरकार प्रणाली को बहाल कर दिया। कोर्ट ने कहा, 2011 में 15वें संशोधन का फैसला अनुचित था।
भारत 1971 की जीत में महज एक सहयोगी-नजरूल
बांग्लादेश के विधि सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा, भारत 1971 की जीत में ‘सिर्फ सहयोगी था, ज्यादा कुछ नहीं’। यह बात पीएम मोदी के विजय दिवस पोस्ट पर कही।