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नार्वे में भूस्खलन से तबाही, जमींदोज हो गए कई मकान, 20 लोग लापता
Thu, 31 Dec 2020 03:55 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओस्लो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओस्लो
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 31 Dec 2020 03:55 AM IST
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नार्वे की राजधानी ओस्लो के उत्तर में एक छोटे से शहर गेजरडम में आए भूस्खलन के बाद बुधवार को 20 से अधिक लोग लापता हो गए। पुलिस और स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस हादसे में 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए लगभग 500 लोगों को शहर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बुधवार की सुबह राजधानी ओस्लो से 25 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में पहाड़ के खिसक जाने से कई घर तबाह हो गए। पहाड़ खिसकने से ये घर जमीन के भीतर समा गए।
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नार्वे पुलिस ने ट्वीट के जरिए कहा, कई घरों को भूस्खलन ने अपनी चपेट में ले लिया है। नार्वे के नागरिकों की सुरक्षा के लिए सेना आपातकाल के समय में घरों को खाली कराने में जुटी हैं। मीडिया ने कहा कि भूस्खलन क्षेत्र का आकार करीब 210,000 वर्ग मीटर था और लगभग 500 लोगों को उनके घरों से बाहर निकाला गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, 20 लोग लापता थे।
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पुलिस ने एक बयान में कहा, हमें नहीं पता कि ये लोग भूस्खलन क्षेत्र में फंसे हैं या नहीं। या तो वे छुट्टी पर हैं या फिर वे पुलिस से संपर्क करने में आने में असमर्थ हैं। पुलिस के अनुसार, भूस्खलन के बाद 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस इसे एक प्राकृतिक आपदा बता रही है। चीफ ऑफ ऑपरेशन रोजर पीटरसन ने कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है। लोगों ने फोन पर बताया कि उनका पूरा घर ढह रहा है।
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नार्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोल्बर्ग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लोगों के प्रति अपनी सहानुभूति जताते हुए कहा, यह सब देखने के बाद दर्द महसूस होता है कि प्रकृति की ताकतों ने गेजरडम को कैसे तबाह कर दिया है। भूस्खलन जैसी प्राकृतिक घटनाएं हर किसी को प्रभावित करती हैं।
बता दें कि नॉर्वे इस तरह की तबाही पहले भी देख चुका है।