लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए विस्फोट में कम के कम 113 लोगों की मौत
लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार को भीषण विस्फोट हुआ जिसमें कई लोग घायल हो गए। विस्फोट से राजधानी के कई हिस्से हिल गए और शहर से घना काला धुआं उठने लगा। निवासियों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि घरों की खिड़कियां और फॉल्स सीलिंग टूट गईं। स्वास्थ्य मंत्री हमाद हसन ने बताया कि घटना में अब तक कम से कम 113 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में 3700 लोग घायल हुए हैं। बेरूत स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि यहां के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि विस्फोट बेरूत के पत्तन के आसपास हुआ और इससे भारी मात्रा में नु कसान हुआ। बेरूत पत्तन के निकट मौजूद एसोसिएट प्रेस के एक फोटोग्राफर ने लोगों को जमीन पर जख्मी हालत में देखा। साथ ही मध्य बेरूत में भारी तबाही देखी।
कुछ स्थानीय टीवी स्टेशन ने अपनी खबर में कहा कि विस्फोट बेरूत के पत्तन में उस इलाके में हुआ जहां पटाखे रखे जाते थे। वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, लेबनान के आंतरिक सुरक्षा प्रमुख ने जानकारी दी है कि बेरूत में पोर्ट (बंदरगाह) इलाके में धमाका हुआ है। इस धमाके के लिए बेहद शक्तिशाली विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।
#UPDATE Lebanon's internal security chief tells reporters the blast was in a port area with highly explosive material, not explosives: Reuters
— ANI (@ANI) August 4, 2020
इस विस्फोट के बाद बेरूत स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि, सेंट्रल बेरूत में आज शाम को दो बड़े विस्फोट हुए। सभी को शांत रहने की सलाह दी जाती है। किसी भी भारतीय समुदाय के सदस्य को किसी भी मदद की आवश्यकता हो तो हमारे इस हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।
Two big explosions heard in Central Beirut this evening. Everyone is advised to stay calm. Any Indian community member in need of any help, may contact our helpline: Embassy of India, Beirut https://t.co/X5OKkNVmd6 pic.twitter.com/S1vwGm1vR6
— ANI (@ANI) August 4, 2020
रोते हुए गर्वनर बोले, परमाणु हमले जैसा धमाका
बेरुत के गर्वनर मारवन अबोद ने धमाके को जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में हुए परमाणु हमले जैसा करार दिया। उन्होंने रोते हुए कहा, जैसा हिरोशिमा और नागासाकी में हुआ था, मुझे वैसा ही महसूस हुआ। जिंदगी में इतनी तबाही कभी नहीं देखी। मैं अपने बेटे को लेकर टेबल के नीचे छिपा रहा।
कतर और इराक ने भेजी मेडिकल टीमें
तमाम सुविधाओं से लैस कतर और इराक की मेडिकल टीमें बेरुत पहुंच गईं। कतर ने एक हजार बेड वाले दो फील्ड अस्पतालों को भेजा। इसी तरह का एक अस्पताल इराक ने भेजा है। कुवैत ने भी मेडिकल सहायता भेजने की बात कही है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने मारे गए लोगों के प्रति दुख प्रकट करते हुए मेडिकल टीम भेजने का प्रस्ताव दिया है। जर्मनी भी मदद को आगे आया है। साइप्रस ने कहा, हमने धमाके में घायल लोगों का अपने यहां इलाज कराने और मेडिकल टीमें लेबनान भेजने का प्रस्ताव दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने धमाके को बताया ‘अटैक’
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, बेरुत धमाका ‘अटैक’ जैसा लगता है। जब पत्रकारों ने पूछा कि उन्होंने इसे एक दुर्घटना के बदले हमला क्यों कहा, जबकि लेबनान अभी कोई नतीजे पर नहीं पहुंचा है? इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैं अपने कुछ वरिष्ठ जनरलों से मिला हूं और उन्होंने महसूस किया है कि यह एक घटना नहीं थी, जिस तरह का विस्फोट हुआ। उन्हें लगता है कि यह एक ‘हमला’ था। बम से किया गया एक हमला।
विस्फोट पर अटकलें जल्दबाजी: ब्रिटेन
लंदन। ब्रिटेन ने कहा कि विस्फोट के कारणों पर अटकलबाजी लगाना अभी जल्दबाजी होगा। ब्रिटेन के शिक्षा मंत्री निक गिब ने कहा कि निश्चित रूप से लेबनान के अधिकारी मामले की जांच कर रहे होंगे, लेकिन धमाके के कारणों पर अटकलें लगाना जल्दबाजी होगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और इस्राइल के प्रधानमंत्री रुवेन रिवलिन ने भी मदद का प्रस्ताव दिया है।
रूस भेजेगा बचाव दल, अस्थायी अस्पताल
रूस ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए मेडिकल टीम, बचाव दल, अस्थायी अस्पताल और कोरोना वायरस की जांच के लिए लैब भेजने का फैसला किया। आपात मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई।