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जानवरों से इंसानों में कैसे पहुंचा कोरोना वायरस, शोधकर्ताओं ने लगाया पता
Sat, 30 May 2020 03:25 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, वॉशिंगटन।
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 30 May 2020 03:25 PM IST
सार
- कोविड-19 के स्रोत का पता लगाने वाले अध्ययन में खुलासा
- कोरोना वायरस आकार बदलकर इंसानों में प्रवेश कर सकता है
- वायरस अपने आनुवंशिक गुणों में बदलाव कर मेजबान कोशिकाओं में जा सकता है
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कोरोना वायरस (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोविड-19 महामारी के स्रोत का पता लगाने वाले एक अध्ययन में बताया गया है कि कोरोना वायरस आकार बदलकर जानवरों से इंसानों में प्रवेश करने और उन्हें संक्रमित करने में सक्षम है। कई शोधकर्ताओं ने कोविड-19 और जानवरों में इसी प्रकार के प्रारूपों का आनुवंशिक विश्लेषण किया है।
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जब से कोरोना ने दुनिया में अपना कोहराम मचाना शुरू किया है, तभी से सारे वैज्ञानिक कोरोना के स्रोत को ढूंढने में लग गए थे। कोरोना की वैक्सीन बनाने के लिए यह पता लगाना जरूरी था कि आखिर कोरोना वायरस कहां से आया है।
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कोरोना के स्रोत का पता लगाते वक्त शोधकर्ताओं ने इस बात की पुष्टि की है कि जानवरों में पाए जाने वाले वायरस का सबसे निकट संबंधी वही कोरोना वायरस है जो चमगादड़ों को संक्रमित करता है। शोधकर्ताओं की टीम में अमेरिका के अलपासो में टेक्सास विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता भी शामिल हैं।
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शोधकर्ताओं ने साइंस एडवांसेस में प्रकाशित अध्ययन में कहा कि सार्स-कोव-2 वायरस की इंसानों को संक्रमित करने की क्षमता स्तनधारी जानवर पैंगोलिन को संक्रमित करने वाले कोरोना वायरस से एक अहम जीन के आदान-प्रदान से जुड़ी है।
शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि यह वायरस अपने आनुवंशिक गुणों में बदलाव करके मेजबान कोशिकाओं में मौजूद रह सकता है। इसी क्षमता के कारण यह एक प्रजाति से दूसरी प्रजाति में प्रवेश कर सकता है।
अमेरिका के ड्यूक विश्वविद्यालय के फेंग गाओ ने कहा कि सार्स या मर्स की तरह यह कोरोना वायरस भी अपने आनुवंशिक गुणों में बदलाव करने में सक्षम है जिसकी मदद से वह इंसानों को संक्रमित कर सकता है।
गाओ और उनके साथियों के अनुसार इस अध्ययन से वायरस से भविष्य में होने वाली वैश्विक महामारियों को रोकने और उनका टीका खोजने में मदद मिल सकती है।