{"_id":"5ed6725dc7345e3ac7201583","slug":"houston-police-chief-asked-donald-trump-to-keep-quite-if-has-nothing-good-to-say-over-protests-in-america","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रपति ट्रंप को ह्यूस्टन पुलिस चीफ का जवाब, बेहतर सुझाव नहीं दे सकते तो शांत रहें","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
राष्ट्रपति ट्रंप को ह्यूस्टन पुलिस चीफ का जवाब, बेहतर सुझाव नहीं दे सकते तो शांत रहें
Tue, 02 Jun 2020 09:08 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ह्यूस्टन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ह्यूस्टन
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 02 Jun 2020 09:08 PM IST
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
अमेरिका में अश्वेत अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद वहां प्रदर्शनों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका के कई शहरों में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए हैं और कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। ऐसी स्थितियों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऊलजलूल बयान दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर कुत्ते छोड़ने और गोली मारने की बात कही थी और बाद में प्रदर्शनों के मामले बढ़ने पर गवर्नरों को कमजोर बताया था। अब ह्यूस्टन पुलिस प्रमुख ने ट्रंप से कहा है कि वह शांत रहें।
विज्ञापन
दरअसल, ट्रंप ने प्रदर्शनों को लेकर सभी राज्यों के गवर्नरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने गवर्नरों से कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों से निपटने में कमजोरी न दिखाएं बल्कि उन पर दबाव बनाएं। अब ह्यूस्टन पुलिस चीफ ने कहा है कि ट्रंप लोगों को खतरे में डाल रहे हैं। यह समय धमकी देने का नहीं बल्कि लोगों का साथ देकर उनका दिल जीतने का है। हमें अच्छे नेतृत्व की जरूरत है और नेतृत्व ही हमें संकट में डाल रहा है। अगर आपके पास कुछ अच्छा बोलने के लिए नहीं है तो कृपया शांत रहें। आप राष्ट्रपति हैं, उसी के अनुसार फैसले लीजिए, ये हॉलीवुड नहीं है।
विज्ञापन
बता दें कि अमेरिका के मिनीपोलिस में एक पुलिस अधिकारी की निर्ममता से एक अश्वेत अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद दुनिया का सबसे ताकतवर देश माने जाने वाले अमेरिका में स्थितियां काबू से बाहर हो गई हैं। देश भर के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। देखा जाए तो अमेरिका में फिलहाल गृह युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। इस घटना का अमेरिका के साथ-साथ अन्य देशों में भी विरोध हो रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जॉर्ज फ्लॉयड को मारना उदाहरण है कि कैसे अमेरिका में अश्वेत लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
विज्ञापन