{"_id":"6a20881c5f763ceac4057a45","slug":"hoping-for-quad-leaders-meeting-this-year-on-sidelines-of-global-meet-marco-rubio-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Quad: रूबियो बोले- क्वाड नेताओं की बैठक इस साल होने की उम्मीद; अमेरिका ने भारत को बताया अहम रणनीतिक साझेदार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Quad: रूबियो बोले- क्वाड नेताओं की बैठक इस साल होने की उम्मीद; अमेरिका ने भारत को बताया अहम रणनीतिक साझेदार
Thu, 04 Jun 2026 01:31 AM IST
Pavan
पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन
Published by: Pavan
Updated Thu, 04 Jun 2026 01:31 AM IST
सार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस वर्ष किसी वैश्विक सम्मेलन के दौरान क्वाड नेताओं की बैठक आयोजित की जा सकती है। उन्होंने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया। क्वाड देशों ने ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया।
विज्ञापन
मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्वाड एक महत्वपूर्ण समूह है और इस साल इसके नेताओं की एक और बैठक कराने की तैयारी चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बैठक किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान आयोजित की जा सकती है, ताकि चारों देशों के नेता एक साथ मौजूद रहें और बैठक आसानी से हो सके। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति की बैठक के दौरान भारतीय मूल के सांसद एमी बेरा के सवाल का जवाब देते हुए रूबियो ने कहा कि क्वाड नेताओं की बैठक को लेकर काम जारी है। हालांकि यह अलग से आयोजित नहीं होगी, बल्कि किसी वैश्विक सम्मेलन के इतर होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें- US: 'मोजतबा खामेनेई से मिलने का अब तक सौभाग्य नहीं मिला', ईरान और नेतन्याहू पर क्या बोले ट्रंप?
चीन के शेनझेन शहर में एपेक आर्थिक नेताओं की बैठक
इस वर्ष नवंबर में चीन के शेनझेन शहर में एपेक आर्थिक नेताओं की बैठक का आयोजन होना है। माना जा रहा है कि क्वाड नेताओं की बैठक इसी तरह के किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान हो सकती है। रूबियो हाल ही में भारत आए थे, जहां उन्होंने क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच बना क्वाड समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी और साल के अंत से पहले नेताओं की बैठक भी प्रस्तावित है।
विज्ञापन
रूबियो ने फिर अलापा भारत-पाकिस्तान तनाव का राग
अपने लिखित बयान में रूबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में बढ़े तनाव को कम कराने में अमेरिका की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश पूर्ण युद्ध के करीब पहुंच गए थे, लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से तनाव कम कराने के प्रयास किए, जिससे दो परमाणु शक्तियों के बीच संभावित युद्ध टल गया। रूबियो ने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब हैं और इसे जल्द पूरा करने की इच्छा रखते हैं।
यह भी पढ़ें- ब्रिटेन में बड़ा हादसा: रॉयल नेवी के 3 जवानों की हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत, रक्षा मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश
भारत में आयोजित क्वाड की बैठक में क्या हुई घोषणा?
हालिया क्वाड बैठक में ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए नए ढांचे की घोषणा की गई। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री निगरानी क्षमता बढ़ाने और बंदरगाह ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई बड़े कदमों का एलान किया गया। चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच क्वाड की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। भारत इस समय क्वाड का अध्यक्ष देश है और हालिया विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी भी भारत ने ही की थी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- US: 'मोजतबा खामेनेई से मिलने का अब तक सौभाग्य नहीं मिला', ईरान और नेतन्याहू पर क्या बोले ट्रंप?
विज्ञापन
चीन के शेनझेन शहर में एपेक आर्थिक नेताओं की बैठक
इस वर्ष नवंबर में चीन के शेनझेन शहर में एपेक आर्थिक नेताओं की बैठक का आयोजन होना है। माना जा रहा है कि क्वाड नेताओं की बैठक इसी तरह के किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान हो सकती है। रूबियो हाल ही में भारत आए थे, जहां उन्होंने क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच बना क्वाड समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी और साल के अंत से पहले नेताओं की बैठक भी प्रस्तावित है।
विज्ञापन
रूबियो ने फिर अलापा भारत-पाकिस्तान तनाव का राग
अपने लिखित बयान में रूबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में बढ़े तनाव को कम कराने में अमेरिका की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश पूर्ण युद्ध के करीब पहुंच गए थे, लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से तनाव कम कराने के प्रयास किए, जिससे दो परमाणु शक्तियों के बीच संभावित युद्ध टल गया। रूबियो ने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब हैं और इसे जल्द पूरा करने की इच्छा रखते हैं।
यह भी पढ़ें- ब्रिटेन में बड़ा हादसा: रॉयल नेवी के 3 जवानों की हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत, रक्षा मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश
भारत में आयोजित क्वाड की बैठक में क्या हुई घोषणा?
हालिया क्वाड बैठक में ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए नए ढांचे की घोषणा की गई। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री निगरानी क्षमता बढ़ाने और बंदरगाह ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई बड़े कदमों का एलान किया गया। चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच क्वाड की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। भारत इस समय क्वाड का अध्यक्ष देश है और हालिया विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी भी भारत ने ही की थी।